मोहाली,1 अगस्त। प्रवासी मजदूर अपने घर-गांव को छोड़ दूसरे राज्य कमाने जाते हैं ताकि उनके परिवार का पालन-पोषण हो सके। लेकिन दूसरे राज्य में अक्सर उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। बता दें कि उत्तर प्रदेश और बिहार ऐसा राज्य है जहां से सबसे ज्यादा प्रवासी बाहर मजदूरी और अन्य काम करने जाते हैं। इसमें पंजाब भी शामिल है जहां यूपी-बिहार से प्रवासी काम करने जाते हैं। इसी पंजाब के मोहाली से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।
दरअसल मोहाली जिले की ग्राम पंचायत मुधो संगतिया की तरफ से एक विवादित प्रस्ताव पास किया गया है। गांव में रह रहे प्रवासियों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक गांव में कोई भी प्रवासियों को रहने के लिए जगह नहीं देगा। प्रस्ताव के अनुसार आगे के लिए भी किसी भी प्रवासी का गांव में कोई भी पहचान पत्र नहीं बनाया जाएगा।
प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि किसी भी प्रवासी को गांव में किराए पर कमरा नहीं दिया जाएगा। मौजूदा प्रवासियों को गांव छोड़ने के लिए कुछ दिन की मोहलत रहेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में 5 परिवार किराए पर रहे हैं। जिनमें करीब 15 से 20 लोग शामिल हैं।



