नई दिल्ली। मुंबई में एक 64 साल के बिजनेसमैन को हनी ट्रैप में फंसाकर उनके साथ उगाही करने का मामला सामने आया। बिजनेसमैन से तीन करोड़ रुपये की उगाही पहले ही की जा चुकी थी। इसके बाद भी उन्हें और रकम देने के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। मुंबई पुलिस ने पेश मामले में हाल ही में अदालत में चार्जशीट दाखिल की। पुलिस ने दावा किया कि महिला ने मुर्गे का खून अपने हाथ पर लगा लिया था।
इस खून को अपना खून बताकर यह साबित करने का प्रयास किया कि रेप के दौरान आरोपी बिजनेसमैन से बचने के प्रयास में वो खुद भी चोटिल हो गई थी। महिला का नाम मोनिका भार्गव उर्फ देव चौधरी है। उसने अपने तीन साथी अनिल चौधरी उर्फ आकाश लुबना, वजीर उर्फ सपना और ज्वैलर मनीश सोढ़ी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
पेश मामले में तीन करोड़ रुपये की रकम कोहलापुर के बिजनेसमैन ने आरोपियों को दे भी दी थी। वो इसके बाद आगे और उगाही करने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद व्यवसायी ने नवंबर 2021 में पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अनिल और सपना ने साल 2017 में व्यवसायी से संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनों पक्षों में अच्छी दोस्ती हो गई।
उन्हें पता था कि व्यवसायी के पास काफी पैसा है। लिहाजा उन्होंने उगाही का पूरा षडयंत्र रचा। 2019 में व्यवसायी काम के सिलसिले में कोहलापुर से मुंबई आया था। वो वहां एक पांच सितारा होटल में ठहरा हुआ था। मोनिका का आरोप था कि व्यवसायी ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो कमरे में ही मौजूद सपना ने बना ली थी।
वीडियो में ऐसा दिखाने का प्रयास किया गया कि व्यवसायी उसके साथ जोर जबदस्ती कर रहा है। इस वीडियो के माध्यम से ही ब्लैकमेल कर व्यवसायी से तीन करोड़ रुपये ऐंठे गए। पुलिस के मुताबिक महिला का कहना है कि उसके साथ जबर्दस्ती की गई। व्यवसायी की इस हरकत के कारण वो चोटिल हो गई थी। उसके हाथ से खून बहने लगा।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह खून महिला का नहीं था। उसने पहले से ही अपने पास मुर्गे के खून का इंतजाम कर लिया था। इस खून को अपने हाथ पर डालकर वीडियो में यह दिखाने का प्रयास किया गया कि वो खुद वारदात का शिकार होकर चोटिल हो गई है।



