मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे के मीरा रोड स्थित एक सोसाइटी में बकरीद के लिए बकरा लाने पर जमकर हंगामा हुआ। यह घटना जेपी इंफ्रा सोसायटी की है। सोसायटी के लोगों ने खूब बवाल किया। कभी हनुमान चालीसा पढ़ा तो कभी जय श्री राम के नारे लगाए गए। हालांकि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। वहीं आज पीड़ित युवक ने हंगामा करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई। युवक ने 8 से 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
विरोध में लोगों ने हनुमान चालीसा का किया पाठ
प्राप्त जानकारी के मुताबिक युवक ने बकरीद मनाने के लिए दो बकरे खरीद कर घर ले आया था। हालांकि जैसे ही इस बात की जानकारी सोसायटी के लोगों को हुई। सारे लोग सोसायटी के बाहर जमा होकर बकरा को बाहर ले जाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने लगे। लोग यहां तक के हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ने और जय श्री राम के नारे में लगाने लगे। जैसे ही इस बारे में पुलिस को जानकारी मिली भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के आला अधिकारियों ने लोगों को समझा कर उनका गुस्सा शांत कराया, हालांकि सोसायटी के लोगों और पुलिस के बीच हल्की नोक झोंक भी हुई।
बकरा रखने के लिए बिल्डर और सोसाइटी वालों ने नहीं दी जगह
बकरा लाने वाले मोहसिन की मानें तो इस सोसायटी में 200 से 250 मुस्लिम परिवार रहते हैं और हर साल बिल्डर हमें बकरा रखने के लिए जगह देता था, लेकिन इस बार बिल्डर का कहना था कि हमारे पास जगह नहीं है। इसके लिए अपने सोसायटी से बात कीजिये। मोहसिन के मुताबिक इन्होंने सोसायटी से भी बकरा रखे जाने के लिए जगह मांगी। लेकिन सोसायटी के तरफ से कोई जगह नहीं दिया गया तो मंगलवार तड़के मोहसिन दो बकरा को अपने घर ले आया।
पुलिस ने लोगों को समझाकर मामले को किया शांत
हालांकि मोहसिन का कहना है कि हमलोग कुर्बानी कभी भी सोसायटी में नही करते हैं हमेशा कत्ल खाना में या फिर बकरे की दुकान पर करवाते हैं। लेकिन बकरा लाने के बारे में जैसे ही सोसायटी के बाकी लोगों को जानकारी मिली लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शरू कर दिया, हालांकि पुलिस के अधिकारी ने सोसायटी के लोगों को कहा कि नियम के मुताबिक सोसायटी में कुर्बानी नही दी जा सकती है और हम ऐसा करने भी नही देंगे और अगर ऐसा किया जाएगा तो हम केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार करेंगे, लेकिन सोसायटी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि कोई आदमी बकरा घर मे ला सकता है या नहीं, फिर भी हम लोगों की भावना को देखते हुए बकरा को यहां से ले जाने के लिए कहेंगे।



