चंडीगढ़, 7 मार्च । पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने अपनी पत्नी, साले और 2 बच्चों की तलवार से हत्या करने वाले एक शख्स की हरकत को शैतानी करार देते हुए उसकी मौत की सजा पर मुहर लगा दी है। कपूरथला कोर्ट ने मौत की सजा सुनाते हुए हाई कोर्ट को डेथ रेफरेंस भेजा, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 29 नवंबर 2013 को कपूरथला पुलिस ने चार लोगों की हत्या की शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस जांच में पता चला कि बलजिंदर सिंह की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही थी, जिस दिन उसकी पत्नी और बच्चों की हत्या हुई, उसे भी गंभीर चोटें आईं लेकिन वह कारण नहीं बता पाई। ऐसे में पुलिस ने उसे दोषी करार दिया और निचली अदालत में रिपोर्ट पेश की।
इस मामले में बलजिंदर सिंह की सास, उसकी साली और एक बच्चा गवाह बने। पुलिस ने बताया कि बलजिंदर सिंह का अपनी सास से 35 हजार रुपये को लेकर विवाद था। विवाद इतना बढ़ गया कि उसकी पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गयी। पुलिस की थ्योरी के आधार पर कपूरथला कोर्ट ने बलजिंदर सिंह को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई और मंजूरी के लिए हाई कोर्ट के पास भेज दिया।
मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि किसी की पत्नी और मासूम बच्चों को चाकू से काटना निश्चित तौर पर शैतानी हरकत है और इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अगर कोई डाकू होता तो भी मासूम बच्चों की इस तरह हत्या नहीं करता, लेकिन इस मामले में एक पिता ने ऐसा कर दिखाया। ऐसे कृत्य का दोषी किसी भी प्रकार की दया का पात्र नहीं है। ऐसे में हाई कोर्ट ने फांसी की सजा को स्वीकार करते हुए फांसी की सजा पर मुहर लगा दी।



