Saturday, April 11, 2026
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नशे के आदी माता- पिता का शर्मनाक कारनामा- बच्चे के शरीर में पड़ गये कीड़े ओैर उन्हें खबर ही न हुई

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लुधियाना। लुधियाना में नशे की आदी मां की गंदी हरकत का खुलासा हुआ है। उसने अपने साढ़े तीन साल के बच्चे की देखभाल नहीं की, जिससे बच्चे को कीड़े पड़ गये। जब इसकी जानकारी समाजसेवी अनमोल क्वात्रा को हुई तो उन्होंने बच्चे को छुड़ाया और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।

इस बीच महिला के देवर ने अस्पताल में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि बच्ची को दूध पिलाने के लिए भाभी पिता से 20 हजार की मांग कर रही थी। वह यह पैसे ड्रग खरीदने के लिए मांग रही थी। उसने बताया कि वह खुद नशे का आदी है। उसने कहा कि वह जवाहर नगर कैंप व घोड़ा कॉलोनी से चिट्टा लाता है, लेकिन थाना डिवीजन नंबर 5 व सीआइए-1 की पुलिस ने इस पर आंखें मूंद रखी हैं। जवाहर नगर कैंप के पास पुलिस इन होटलों में देह व्यापार जैसे मामलों पर ही कार्रवाई करती नजर आ रही है। जबकि इन होटलों के पास खुलेआम नशा बेचा जा रहा है।

डॉक्टर बच्चे का इलाज कर रहे हैं। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे आज सी.एम.सी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। परिवार के हालात ऐसे हैं कि बच्चे के पिता या चाचा को अस्पताल में बैठाने के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है।

जानकारी के अनुसार महिला अपने पति नीरज के साथ जवाहर नगर कैंप में रहती है। दोनों पति-पत्नी  नशे के चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं। नशे के आदी इस परिवार की हालत ऐसी हो गई है कि बच्चे तो भूखे हैं, लेकिन इन नशेड़ियों की लत के आगे बच्चे के रोने की आवाज दब जाती है। बच्चे को पिछले कई दिनों से कुछ भी खाने को नहीं दिया गया है।

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले महिला बच्चे को छोड़कर कहीं चली गई थी। बच्चा कुपोषण का शिकार हो गया है। बच्चे को उचित आहार और दवाई नहीं मिली, जिसके कारण वह आज नारकीय जीवन जी रहा है। समाजसेवी अनमोल क्वात्रा ने बताया कि बच्चे के शरीर में कीड़े थे। वह दर्द से चीख रहा था। मासूम का दर्द देख दिल भर आया। पूरा परिवार नशे का आदी है। इस परिवार के सदस्य कई बार नशा मुक्ति केंद्र जा चुके हैं, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो रहा है।

बच्चे कार्तिक की जान बचाने के लिए हर संभव मदद की जा रही है। यह स्थिति आज मां के दूध की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण बनी है। बच्चे के सभी टेस्ट किए जा रहे हैं। ताकि उसका सही इलाज हो सके। बरामदगी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चे को सी.डब्ल्यू.सी के माध्यम से बाल आश्रम भेजा जाएगा।

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