मुफ़्ती वसीम अकरम क़ासमी (मोहतमिम मदनी मदरसा संगरूर) ने दी ख़ुसूसी मुबारकबाद
संगरुर, 20 फरवरी। जानकारी के अनुसार पंजाब की तारीख़ में पहली बार अपने पूर्वजों की वरासत के अमीन, दारुल उलूम देवबंद से बे पनाह मोहब्बत रखने वाले, अकाबिरीन ए दारुल उलूम के भरोसेमंद, बुज़ुर्ग आलिम ए दीन हज़रत मुफ़्ती मोहम्मद ख़लील साहब क़ासमी को दारुल उलूम देवबंद की मजलिस ए शूरा का मेम्बर घोषित किए गये है।
इस पर मीडिया से बात करते हुए मुफ़्ती वसीम अकरम क़ासमी (मोहतमिम मदनी मदरसा संगरूर) ने ख़ुसूसी मुबारकबाद और बधाई पेश की है, और दुआ की है कि अल्लाह तआला हज़रत मुफ़्ती ए आज़म पंजाब को सिह्हत व तंदरुस्ती के साथ ख़ूब लम्बी उम्र अता फरमाए।
याद रहे कि दारुल उलूम के मेहमानखाने में तीन दिवसीय मजलिस-ए-शूरा की बुधवार को कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न हुई। इसमें रिक्त शूरा सदस्य के पद पर शूरा सदस्यों ने कई नामों पर चर्चा की। अंत में पंजाब के मुफ्ती खलील के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा बैठक में कासमी कब्रिस्तान में जगह की किल्लत को देखते हुए शूरा ने संस्था की ओर से कब्रिस्तान को बढ़ाने के लिए भूमि देने का प्रस्ताव को हरी झंडी गई। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने बताया कि सभी विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की। जिन पर सदस्यों ने संतुष्टि जताई



