चंडीगढ़, 6 नवंबर | पंजाब के कई सरकारी स्कूलों में छात्रों को सरकार द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं दिया जा रहा है। छात्रों को फल भी नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा छात्रों की फर्जी उपस्थिति भी दिखाई जा रही है। यह मामला शिक्षा विभाग के संज्ञान में आया है। इसके बाद विभाग ने स्कूलों को स्पष्ट निर्देश लिखा है। विभाग ने कहा कि अगर भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आता है तो इसके लिए स्कूल प्रिंसिपल जिम्मेदार होंगे।
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों और मध्याह्न भोजन प्रभारियों को भेजे गये पत्र में स्पष्ट लिखा है कि उनके संज्ञान में आया है कि स्कूलों में मेनू के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं दिया जाता है। छात्रों को फल भी नहीं दिया जाता है। छात्रों की उपस्थिति भी फर्जी है। ऐसे में इस बात पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल राज्य में 19 हजार सरकारी स्कूल हैं। जहां करीब 28 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मध्याह्न भोजन का मेन्यू सरकार द्वारा मौसम के अनुसार तय किया जाता है। विभाग ने कुछ समय पहले निर्णय लिया था कि बच्चों को भोजन के साथ-साथ फल भी दिये जायेंगे। इसके पीछे विचार यह था कि इससे जहां बच्चों के शरीर को फायदा होगा, वहीं किसानों के खेतों में उगे फलों को बाजार मिलेगा।



