अमृतसर, 6 नवंबर | पुलिस कमिश्नरेट ने सीमा पार से नशा तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने उनके पास से 1 किलो ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन) और 1 किलो हेरोइन बरामद की। पुलिस के मुताबिक, यह ऑपरेशन पंजाब में नशों की तस्करी को रोकने के लिए चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा है।
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों में करणदीप की भूमिका अहम मानी जा रही है। जांच में पता चला है कि करणदीप काफी समय से विदेश में रह रहा था। वह दुबई, यूएई और मॉस्को, रूस में रह चुका है और वहां से पंजाब लौटने के बाद वह पाकिस्तान स्थित ड्रग तस्करों के संपर्क में आया।
करणदीप की गतिविधियां संदिग्ध थीं और उसके नेटवर्क में विदेशी गैंगस्टर भी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक करणदीप विदेश में रह रहे कुख्यात गैंगस्टर गुरदेव उर्फ जैसल के भी संपर्क में था, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स और अवैध गतिविधियों में शामिल है।
पुलिस ने खुलासा किया है कि इस तस्करी में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। पाकिस्तान स्थित तस्कर सीमा पार नशीली दवाओं के परिवहन के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं, जो एक नए और गंभीर खतरे का संकेत है। पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में ड्रग्स पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जहां से यह पूरे राज्य में फैल गया। ड्रोन के जरिए तस्करी का यह तरीका पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और करणदीप और नेटवर्क के अन्य सदस्यों के पिछले संपर्कों और तस्करी के अन्य मार्गों की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि वह इस नेटवर्क के अतीत और भविष्य की संभावित कड़ियों को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश कर रही है ताकि पंजाब को ड्रग संकट से बाहर निकाला जा सके।



