संगरुर। पिछले एक दो दिन से, मणिपुर का एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने सभी देशवासियों को शर्म से पानी पानी कर दिया है। ऐसा लगता है कि लोग इन्सानियत को छोड़ हैवानी, ख़ूँख़ार दरिन्दे बन चुके हैं। मैतई बहुमत समुदाय के दरिन्दों की भीड़, दो कुकी समुदाय की महिलाओं को निर्वस्र कर उनको दौड़ा रही है। उनके शारीरिक अंगों को दबोच रही है। यह लिखते हुए कलेजा फटा जा रहा है कि आख़िर इतनी हैवानियत इन दरिन्दों में आई कहाँ से ? और यह निन्दनीय घटना हमारे इस देश में घटी है जहां हर दिन यह झूठ दोहराया जाता है कि यहाँ नारि की पूजा देवी समान होती है। यह विचार मुफ्ती वसीम अकरम कासमी ने मीडिया के सामने वयक्त किए।
आश्चर्य है इस बात पर कि सब लोग ख़ामोश, तमाशाई बने बैठे देख रहे हैं। मानो कि जैसे कुछ हुआ ही न हो।
और इस से भी ज़्यादा हैरत इस बात पर है कि अभी तक उन दरिन्दों तक क़ानून की पहुँच नहीं हो पाई है। और इस संगीन घटना पर भी नेता लोग अपनी सियासी रोटियाँ सेक रहे हैं।थोड़ी सी भी शर्म और ग़ैरत हो तो डूब मरना चाहिए कहीं जा कर। मैं कड़े से कड़े शब्दों में इस घटना की निंदा करता हूँ, महिलाओं के साथ हुई इस घटना का विरोध करता हूँ।
और मणिपुर की उन महिलाओं के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ।
यह कुर्सी है, तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं है ?
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।



