सहारनपुर , 3 अक्टूबर । मोबाइल फोन आज के समय में इंसान की बहुत बड़ी जरूरत बन चुका है। लेकिन इसके दुष्प्रभाव से भी बचना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखना अभिभावकों के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि छोटे बच्चों को मोबाइल देखने से कुछ खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। एक्सपर्ट की माने तो छोटे बच्चे कार्टून व गेम यदि अधिक समय तक देखते हैं, तो यह बच्चों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
सहारनपुर के नेत्र रोग विशेषज्ञ मनु तनेजा ने बताया कि दो घंटे से अधिक मोबाइल को देखना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। उन्होंने बताया कि बच्चे, व्यस्क या उम्र दराज सभी लोगों पर यह बात लागू होती है कि स्वस्थ रहने के लिए मोबाइल का प्रयोग कम समय के लिए ही करें। लगातार दो घंटे से अधिक मोबाइल देखना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन से निकलने वाली तरंगें मनुष्य ही नहीं बल्कि अन्य जीव जंतुओं के लिए भी शारीरिक रूप से दुष्प्रभावी होती है।
जिला अस्पताल में नियुक्त आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनु तनेजा ने बताया कि दो वर्ष के बच्चे को तो मोबाइल किसी कीमत पर भी ना दिखाएं। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारण से बच्चा मोबाइल देखने की जिद करता है, तो उसे अन्य चीजों के लिए प्रोत्साहित करें। चिकित्सक ने बताया कि जैसे किसी पार्क में घूमने के लिए, बाजार में घूमने के लिए, बच्चों को ललायित करें। जिससे कि उसके मन में दूसरी चीजों के लिए जगह बनी रहे। उन्होंने बताया कि मोबाइल देखने का टाइम को हर हाल में कम करना बच्चों के स्वास्थ्य व सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनु तनेजा ने बताया कि बच्चों में मोबाइल देखने की लत बहुत ज्यादा देखी जा रही है। लेकिन अभिभावकों को इस और ध्यान देना होगा और बच्चे की स्क्रीनिंग टाइम को कम करना होगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा माता-पिता अपने बच्चों की समय-समय पर आंख की जांच कराते रहें। क्योंकि अत्यधिक मोबाइल देखने से बच्चों के निकट की दृष्टि में परेशानी देखने में आ रही है। इसलिए अपने बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें और समय-समय पर आंखों की जांच व चश्मा का नंबर की जांच करते रहे।



