बिहार , 3 अक्टूबर । राज्य सरकार द्वारा जातीय जनगणना में वैश्य समाज के विरुद्ध साज़िश बताते हुए वैश्य समाज के लोगों ने विरोध जताया है। वहीं राष्ट्रीय वैश्य महासभा बिहार के प्रदेश महासचिव व प्रदेश सह-प्रवक्ता संजय जायसवाल ने मानवाधिकार एक्शन फ़ोरम राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व समाजसेवी ईं आर के जायसवाल से बात करते हुए कहा कि वैश्य समाज को राज्य सरकार अपना विरोधी समझते हुए वैश्य समाज के लोगों कि संख्या को कम तथा राज्य सरकार के समीकरण से जुड़े वोट बैंक वाले अन्य वर्गों के समाज के लोगों की संख्या अधिक दिखाकर लोकसभा चुनाव से पूर्व मतदाताओं पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने का अप्रत्यक्ष रूप से प्रयास कर रही है।
संपूर्ण वैश्य समाज के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है। जिस समाज में 56 जाति है उसकी सांख्य ही अकेले 27–28 प्रतिशत है, फिर भी दो से तीन प्रतिशत ही गिनाती है। वैश्य समाज की हकमारी एक साजिस के तहत होती आ रही है और आगे भी यही कोशिश होती रहेगी लेकिन यह बर्दाश्त नहीं करेगा वैश्य समाज हम सब मिलकर हरेक मंच से विरोध कि आगाज करेंगे। उन्होंने बताया कि एक साजिश के तहत नितीश जी ने वैश्य समाज की 22% आवादि जो पिछले 15 वर्ष से डाटा चली आ रही है जो अब बढ़ कर 27% हो गई है उसको साजिश के तहत 12% बता कर सार्वजनिक किया है।
यह बहुत ही दुःखद व निंदनीय है समाज इसका पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन करेगी ताकि सरकार फिर से सुधार कराए और वैश्य समाज का सही आकड़ा सामने आ सके तभी वैश्य समाज को अपना सही-सही हक मिल पाएगी। इसके लिए हम सभी वैश्य समाज के लोगों को एक साथ मिलकर आवाज उठाएंगे और इस षड्यंत्र को बेनकाब कर सरकार कि मंशा को लोगों के सामने उजागर करेंगे ताकि जातीय जनगणना की सूची में वैश्य समाज की आंकड़े को सही ढंग से दर्शाया जाए।



