पोरबंदर । जरा सोचिए, कोई शख्स किसी मैट्रिमोनी साइट पर अपने जीवनसाथी की तलाश करे, उससे शादी करे और एक दिन उसे पता चलते कि उसकी पत्नी कोई आम औरत नहीं बल्कि एक शातिर चोर है. वो भी सिर्फ छोटी-मोटी चोर नहीं, बल्कि उस पर चोरी, हत्या और 5000 कारों की स्मलिंग का आरोप हो। इसमें से भी कई अपराध उसने अपने पहले पति के साथ मिलकर किए हों। गुजरात के पोरबंदर में ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां एक युवक ने मैट्रिमनी ऐप पर ढूंढ कर एक महिला से शादी की लेकिन वह महिला कोई आम महिला नहीं थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक पोरबंदर के जालाराम कुटीर के रहने वाले विमल करिया का गुवाहाटी की रीता दास के परिचय एक मैट्रिमनी ऐप पर हुआ था। यहीं पर रीता के खिलाफ शिकायतें दर्ज थीं। रीता ने ऐप पर अपने आप को तलाकशुदा बताया था। यहीं बातचीत के बाद विमल और रीता की बातचीत होने लगी और उन दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
विमल ने शादी से पहले रीता से तलाक के सबूत की मांग की लेकिन उसने बात को टालमटोल करते हुए कहा कि उसकी शादी बहुत कम उम्र में पंचायत में हुई थी इसलिए उसके बाद शादी का कोई सबूत नहीं है। रीता की बात पर विश्वास करते हुए विमल ने उससे अहमदाबाद में शादी कर ली. हालांकि, रीता शादी के 6 महीने बाद यह कहते हुए घर छोड़कर चली गई कि उसे असम में जमीन से जुड़ा कुछ काम है लेकिन वह वापस नहीं आई।
ऐसे सामने आई सच्चाई
विमल करिया ने न्यूज9 को बताया कि जब वह असम चली गई तब वह कुछ दिन तक बातचीत करती रही लेकिन कुछ दिन बाद उसका फोन आना बंद हो गया। कुछ दिन बाद विमल को एक कॉल आया और बात कर रहे शख्स ने खुद को रीता वकील बताया.
उसने कहा, रीता हिरासत में है और उसे जमानत दिलाने के लिए एक लाख रुपये लगेंगे। ये सुनने के बाद विमल को लगा कि वह भूमि से जुड़े मामले में जेल में है। इसलिए उसके 1 लाख रुपये का इंतजाम किया और रीता के खाते में भेज दिए। पैसे भेजने के बाद उसने वकील से कहा कि वह उसे अदालत के कागजात भेज दे। वकील ने विमल को ऑनलाइन सारे कागज भेज दिए। उसने देखा कि पेपर्स पर उसकी पत्नी का नाम रीता दास के बजाय रीता चौहान लिखा है। उसने ये भी देखा कि रीता को जमीन नहीं बल्कि चोरी के मामले में हिरासत में लिया गया है।
रीता ने बातचीत में अभी तक तलाक न होने की बात कबूल की। साथ ही उसने बताया कि अनिल चौहान से उसकी शादी 2007 में हुई थी और कार चोरी का केस 2015 में दर्ज हुआ था उसके बाद से वह अनिल के संपर्क में नहीं है। उसका यह भी कहना है कि कार चोरी में उसका कोई हाथ नहीं है अनिल की पत्नी होने के कारण उसे सह-आरोपी बनाया गया था। हालांकि वह 2015 में एक बीएमडब्ल्यू कार की चोरी के केस में गिरफ्तार हो चुकी है।



