जालंधर, 3 फरवरी । रविवार रात को भार्गव कैंप के पास नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने हिंदू नेताओं के साथ मिलकर आज बस्तियाद नहर के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले काजी मंडी नशाखोरी के लिए चर्चा में थी, लेकिन अब भार्गव कैंप नशाखोरी का केंद्र बन गया है। लोगों का आरोप है कि पिछले 6 दिनों में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके चलते देर रात 20 वर्षीय युवक की नशे की लत से मौत हो गई।
मृतक बच्चे की पहचान पारस भगत निवासी मोहल्ला राज नगर, बस्ती बावा खेल के रूप में हुई है। नशे की लत के कारण युवक की तबीयत बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए कल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस संबंध में एक दिन पहले पूर्व विधायक अंगुराल ने लाइव होकर कहा था कि इलाके में नशा बिक रहा है और नशे की ओवरडोज के कारण एक युवक का इलाज चल रहा है। जिसकी देर रात मौत हो गई।
निर्दलीय पार्षद लाकोत्रा ने कहा कि हाल ही में गुजरात में 3,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस आए दिन नशे के खिलाफ कार्रवाई करती है, लेकिन क्या प्रशासन को यह नहीं पता कि किस इलाके में नशा बिक रहा है? वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि मंगू बस्ती और भार्गव कैंप में खुलेआम नशा बेचा जा रहा है।
पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने कहा कि परिवार ने अपील की है कि जब तक कोई सरकारी प्रतिनिधि या पुलिस उन्हें नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन नहीं देती, तब तक वे पारस का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। आस-पड़ोस में हर कोई जानता है कि ड्रग्स कहां से आता है, लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा। क्योंकि कल उक्त नशा तस्कर इस व्यक्ति को निशाना बनाएंगे जो उनके खिलाफ बयान देगा।
इस बारे में शख्स ने बताया कि उसके पिता-पुत्र हैं जो रोजाना नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। शख्स ने बताया कि वह 10 बार थाने जाकर इस मामले की शिकायत कर चुका है कि दवा न मिलने पर ये दोनों घर में हंगामा करते हैं, इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। दूसरे मामले में कहा गया कि महिला विधवा है और बेटा नशे का आदी है। क्षेत्र में प्रतिदिन कुछ युवक मादक पदार्थ का सेवन करने व बेचने आते हैं। इलाके के लोग इतने परेशान हो गए हैं कि उन्होंने खुद अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
परिवार ने कहा कि पुलिस ही नशाखोरी रोक सकती है। पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए, हम इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहते।’ परिवार ने स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत से इलाके में नशीली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की अपील की है।



