मध्य प्रदेश , 3 फरवरी। टीकमगढ़ में पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर उनके दोनों बेटों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि बड़ा बेटा अपने पिता के शव के टुकड़े कर उसे जलाने पर अड़ गया। यह देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने और हस्तक्षेप के बाद ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
दरअसल, जिले के ताल लिधौरा गांव के रहने वाले ध्यानी सिंह घोष का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। छोटा बेटा दामोदर अपने पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। सूचना मिलते ही ग्रामीण और रिश्तेदार शोक संतप्त परिवार के घर पहुंच गए।
अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी तभी बड़े भाई किशन सिंह घोष अपने बेटे और परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे और अपने पिता का अंतिम संस्कार करने पर जोर देने लगे। लेकिन छोटे भाई ने यह कहकर मना कर दिया कि उसने अपने पिता की सेवा कर दी है और अब वह अंतिम संस्कार करेगा।
परिवार के लोगों ने यह भी बताया कि जब पिछली बार बुजुर्ग ध्यानी सिंह की तबीयत खराब हुई थी तो उनके बड़े बेटे किशन और उनके परिवार ने उनकी देखभाल नहीं की थी। यहाँ तक कि उसने उन्हें अपने पास भी नहीं रखा। ऐसे में सेवारत पुत्र दामोदर को ही अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाए। इसी बात को लेकर दोनों बेटों के बीच झगड़ा हो गया और पिता का शव घंटों तक घर के बाहर पड़ा रहा।
मामला इतना बढ़ गया कि किशन ने अपने पिता के शव के दो टुकड़े कर अलग-अलग दाह संस्कार करने की बात कही। इससे सभी परेशान हो गए और जब मामला शांत नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया।
ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों के अनुरोध पर छोटे बेटे दामोदर को अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और परिवार के लोग दामोदर के साथ आए और मौत के 6 घंटे बाद बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया।



