पटियाला , 3 अक्टूबर । यूनिवर्सिटी, पटियाला के रोटेशन द्वारा हैडशिप के नियमों के अनुसार डॉ. अनवर चिराग को भाषाविज्ञान एवं पंजाबी शब्दलेखन विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है। डॉ. चिराग को पंजाबी शब्दावली के क्षेत्र में 19 वर्षों का कार्य अनुभव है। वह पंजाबी, उर्दू और फ़ारसी में स्नातकोत्तर और पंजाबी में एम.फिल हैं और पीएच.डी. हैं। पंजाबी कोशकार एवं सूफी काव्य विशेषज्ञ डाॅ. चिराग ने सात आलोचनात्मक, व्याख्यात्मक और अनुवादित पुस्तकें और तीस से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।
इसके अलावा उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित ‘पंजाबी-अंग्रेजी कोश’ और ‘संस्कृत-पंजाबी कोश’ में अकादमिक कार्य किया है और अंग्रेजी-पंजाबी कोश (सातवां संस्करण) और पंजाबी कोश (स्कूल स्तर) में संपादकीय बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य किया है। उनकी रचनाएँ इंद्राज विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित बच्चों के विश्वकोश और बी.ए. के शोध पत्र में हैं।
स्तर की पाठ्यपुस्तकें शामिल हैं उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित गुरुमुखी-शाहमुखी लिपि रूपांतरण सॉफ्टवेयर ‘संगम’ में शाहमुखी लिपि के विशेषज्ञ के रूप में भी काम किया है। उन्होंने विभिन्न सम्मेलनों में अपने शोधपत्र प्रस्तुत किये हैं और उनके शोधपत्र विभिन्न विद्वानों द्वारा संपादित पुस्तकों में भी शामिल किये गये हैं। डॉ. अनवर चिराग को इस शिक्षण एवं अनुसंधान विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया तो विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं शिक्षक, देश-विदेश से आये पंजाबी विद्वान एवं लेखक उपस्थित थे।
हरिभजन सिंह भाटिया, खालिद हुसैन (जम्मू), वरयाम सिंह संधू, डीन लैंग्वेज डॉ. राजिंदरपाल सिंह बराड़, डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा, डाॅ. लखविंदर जोहल, स. सतनाम सिंह माणक, पूर्व रजिस्ट्रार डाॅ. परमबख्शीश सिंह सिद्धू, डाॅ. दीपक मनमोहन सिंह, डाॅ. चमन लाल, डाॅ. राजेश शर्मा, श्री मकसूद साकिब (लाहौर), श्री. जैतेघ सिंह अनंत, डाॅ. हरपाल सिंह पन्नू, डाॅ. सर्बजिंदर सिंह, डॉ. निशान सिंह दियोल (पुता अध्यक्ष), प्रो. नाशिर नकवी, डॉ. योगराज इंग्लिश, डाॅ. सरबजीत सिंह, बलबीर परवाना, प्रिंसिपल डाॅ. धरमिंदर सिंह उभा, डॉ. जोगा सिंह, डाॅ. बूटा सिंह बराड़, डाॅ. करण्तिपाल, डॉ. बलजिंदर नसराली, डॉ. भीम इंदर सिंह, डॉ. मोहन त्यागी, डाॅ. हरजोध सिंह, अमर ज्योति, सुखिंदर, स्वर्णजीत स्वि, राणा रणबीर, परमिंदर सोढ़ी आदि ने खुशी व्यक्त की है और शुभकामनाएं दी हैं।



