चंडीगढ़। सजा पूरी होने के बावजूद सालों से जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर लगे पक्के मोर्चे के मामले पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को मामले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराना है।
सिख जत्थेबंदियों द्वारा जेलों में बंदी सिखों की रिहाई के लिए 7 जनवरी से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर पक्का मोर्चा लगाया गया है। इस कारण चंडीगढ़ और मोहाली के आम लोग साल 2023 की शुरुआत से ही काफी परेशानी में हैं। बॉर्डर पर लगे इस मोर्चे के कारण मोहाली फेस-7,8 समेत चंडीगढ़ के ट्रैफिक को अंदरूनी सड़कों या अन्य वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। लेकिन पंजाब पुलिस और राज्य सरकार इसे खत्म करवाने में विफल रही है।
चंडीगढ़ के पुलिसकर्मियों को किया गया घायल
8 फरवरी 2023 को कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर पंजाब CM आवास को घेरने का प्रयास किया गया। इस दौरान मोर्चा प्रदर्शन हिंसक हो गया और हथियारबंद लोगों ने चंडीगढ़ के पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया और तोड़फोड़ की। इससे चंडीगढ़ की कई महिला पुलिसकर्मी व अन्य जवान लहूलुहान होने घायल हो गए थे। पुलिसकर्मियों ने दौड़-दौड़ कर अपनी जान बचाई थी। बावजूद इसके चंडीगढ़ की अफसरशाही ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज या अन्य कार्रवाई के आदेश नहीं दिए थे।
चंडीगढ़-मोहाली पुलिस ने दर्ज किए केस
पुलिसकर्मियों से मारपीट और तोड़फोड़ करने पर चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किए थे। पुलिस ने मामले में आतंकी जगतार सिंह हवारा के पिता समेत सात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने व हथियार लूटने समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया।



