15 साल पहले राशन की दुकान पर हुई थी दोनों की मुलाकात
मुंबई। मीरा रोड सरस्वती वैद्य मर्डर मामले में पुलिस ने आरोपी मनोज साने को गिरफ्तार किया है। उससे की जा रही पूछताछ में इस घटना को लेकर कई ऐसे खुलासे हुए हैं जो चौंकाने वाले हैं। पुलिस की मानें तो मनोज साने ने दावा किया है कि सरस्वती उसको लेकर काफी पोजेसिव थी और देर रात घर लौटने पर उस पर शक करती थी।
यह उनके बीच झगड़े का कारण था। पूछताछ में मनोज का दावा है कि सरस्वती ने जहर खाकर खुदकुशी की थी और इसके बाद वह डर गया और उसने उसके टुकड़े कर ठिकाने लगाने की योजना बनाई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हुई सरस्वती वैद्य महिला की हत्या के मामले पुलिस की जांच जारी है। पुलिस आरोपी के साथ कई लोगों से घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। जिसमें कई खुलासे हो रहे हैं।
पुलिस सूत्रों से जो जानकारियां सामने आ रही हैं उनमें कहा गया है कि मनोज साने ने दावा किया कि सरस्वती उसको लेकर काफी पोजेसिव थी। वह काम से देर से घर आता था, तो सरस्वती उसे शक की नजर से देखती थी। उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। हालांकि, मनोज साने के पड़ोसियों ने कहा कि उन्होंने फ्लैट 704 से कभी कोई चीख या बहस नहीं सुनी।
मनोज साने ने पुलिस को बताया है कि वह सरस्वती की 10वीं कक्षा की पढ़ाई में मदद कर रहा था, क्योंकि वह स्कूल ड्रॉपआउट थी और पढ़ना चाहती थी। पुलिस के अधिकारी ने कहा, ‘वह (सरस्वती) कक्षा 10 की परीक्षा देने की योजना बना रही थी और साने उसे गणित पढ़ा रहा था। आरोपी का यह दावा सही लग रहा था, क्योंकि हमें फ्लैट की एक दीवार पर एक टीचिंग बोर्ड मिला, जिस पर गणित के सवाल लिखे हुए थे।
सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस जांच में इस घटना को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि 32 साल की सरस्वती वैद्य और 56 साल के मनोज साने की मुलाकात करीब 15 साल पहले हुई थी। वह एक राशन की दुकान पर मिले थे। मनोज साने वहीं काम करता था। दोनों अनाथ थे और अहमदनगर के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार साने के पास आईटीआई का सर्टिफिकेट था और सरस्वती एक स्कूल ड्रॉपआउट थी और एक अनाथालय में रहती थी।
सरस्वती अकेली नहीं थी उसकी तीन बहनें भी साथ थीं। बताया गया है कि मनोज साने से जब सरस्वती की जान पहचान बढ़ी तो उसने उनके साथ रहने का फैसला कर लिया। उसने मनोज को मामा बताया। साने के अपार्टमेंट से जब बदबू आने लगी तो पुलिस को इसकी सूचना मिली। पुलिस को बदबू की जानकारी देने वाले सोमेश श्रीवास्तव का कहना है कि हर वक्त वे अपने आप में ही रहते थे।



