चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ के बाद डेंगू का खौफ फैल गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैयार कर दी गई हैं लेकिन अब शहरी इलाकों में भी डेंगू का लार्वा मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में पंजाब में डेंगू पॉजिटिव मामलों की संख्या 291 से ज्यादा हो गई है और एक मौत भी हो चुकी है। यही चिंता की बात है।
राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्शदीप कौर के मुताबिक, लार्वा के प्रजनन के लिए अब तक कुल 6.5 लाख घरों और 14.98 लाख कंटेनरों की जांच की गई है, जिसमें 4591 घरों और 5584 कंटेनरों में लार्वा पाए गए हैं। लगभग 6,000 डेंगू संदिग्धों का परीक्षण किया गया है, जिनमें से 291 सकारात्मक पाए गए हैं। इनमें से 14 मरीज दूसरे राज्यों के हैं।
बठिंडा जिला 70 मामलों के साथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र है। इसके बाद फिरोजपुर में 31, कपूरथला में 23 और होशियारपुर और संगरूर में 22-22 मामले सामने आए हैं। बाढ़ के बाद डेंगू पर नियंत्रण के लिए राज्य में 855 टीमों का गठन किया गया है। बड़े शहरों में 15 से 20 टीमें काम कर रही हैं। ये टीमें आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में जाकर लार्वा ढूंढ रही हैं और उसे नष्ट कर रही हैं।
इस समय मौसम डेंगू और मलेरिया फैलने के लिए अनुकूल है। सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. विजय कुमार ने कहा कि डेंगू के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों द्वारा सभी इंतजाम किए गए हैं। जिला और ब्लॉक स्तर पर आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।
विभाग ने निजी अस्पतालों को भी निर्देश जारी किए हैं कि उनके यहां डेंगू के संदिग्ध मरीज आने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाए। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच निःशुल्क की जाती है। इससे लोगों को फायदा हो सकता है।



