Thursday, April 16, 2026
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विधायक रमन अरोड़ा को एक कारोबारी करेगा बेनकाब-जानें कैसे

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जालंधर,2 जून। विधायक रमन अरोड़ा के धीरे-धीरे सभी काले धंधे सार्वजनिक होने शुरू हो गए हैं। एक-एक करके रमन अरोड़ा से सताए हुए लोग सामने आ रहे है। विधायक को पैसों का लालच इस तरह बढ़ गया था कि वह पैसों खातिर लोगों पर झूठे पर्चे तक दर्ज करवा देता था। प्रापर्टी कारोबारी के साथ भी विधायक ने ऐसा ही किया जिसके बाद कारोबारी ने विधायक को तो एक पैसा नहीं दिया लेकिन गिरफ्तारी के डर से उसने परिवार समेत अढ़ाई माह जालंधर शहर छोड़ दिया और जमानतें लेकर वापिस लौटा।

जानकारी के अनुसार गढ़ा इलाके से संबंधित कारोबारी ने आदर्श नगर इलाके में करीब 20 मरले का प्लाट खरीद कर उस पर इंवैस्ट किए थे। कुछ समय बाद जब उक्त प्रापर्टी बिकी तो कारोबारी को काफी प्रॉफिट हुआ। इसकी भनक विधायक को लगी तो विधायक ने कारोबारी को अपने दफ्तर बुलाया। विधायक रमन अरोड़ा को जानकारी थी कि कारोबारी को कितना प्रॉफिट हुआ। विधायक ने साफ कहा कि उनके हलके में काम करके प्रॉफिट कमाना है तो उसका हिस्सा भी रखना होगा। विधायक ने उससे हिस्सा मांगा तो कारोबारी भी सीधा हो गया और मना करके विधायक के दफ्तर से लौट आया। उसके बाद विधायक ने पुलिस पर दबाव डाल कर कारोबारी पर झूठे पर्चे दर्ज करवा दिया। कारोबारी फिर भी नहीं झुका और परिवार को साथ लेकर जालंधर छोड़ कर कहीं चला गया।

आखिरकार अढ़ाई माह बाद कारोबारी जमानतें लेकर लौटा, लेकिन उससे पहले विधायक के बेटे, भाई और करीबी रिश्तेदार ने गुड़ मंडी में कारोबार करते प्रापर्टी कारोबारी के साले को बुला लिया। उस पर भी दबाव डाला गया और प्रापर्टी कारोबारी को विधायक से सैटिंग करने के लिए कहा गया। उसे जम कर बेइज्जत भी किया गया था। अब विधायक की गिरफ्तारी के बाद उक्त कारोबारी विजिलैंस दफ्तर में खुद के बयान दर्ज करवाएगा।

विधायक रमन अरोड़ा और उसकी टीम ने सरकारी जमीन पर कब्जे की भी कोशिश की थी। हालांकि उक्त जमीन का सौदा न हो पाने के कारण बचाव हो गया था। जानकारी के अनुसार एक फाइनांसर ने विधायक रमन अरोड़ा को इस जमीन के बारे बताया था। फाइनांसर इससे पहले भी अपनी टीम के साथ सुबह-सुबह एक्टिवा पर भी निकल जाता था और लोगों की बन रही इमारतों की जानकारी विधायक तक पहुंचा देता था।

उधर जैसे ही विधायक को नहरी विभाग की मसंद चौक के पास नहरी विभाग की जमीन के बारे चला तो विधायक ने एक उच्च अधिकारी को मोटी फीस अदा करके उक्त जमीन ट्रांसफर करवा ली। फाइनांसर ने उसके फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। इसी बीच उच्च अधिकारी की ट्रांसफर हुई तो नए आए उच्च अधिकारी ने उक्त फाइल रोक ली, जिसके बाद विधायक ने काफी दांव पेंच चले लेकिन कुछ नहीं हो पाया।

सूत्रों की माने तो विधायक रमन अरोड़ा को जो लोग सस्ते सौदे लाकर देते थे, उनकी इंकम बढ़ाने के लिए वह उनसे शराब के अवैध धंधे भी करवाता था। दो नंबर की सारी शराब उन्हीं की शहर में सप्लाई होती थी। यह लोग विधायक की कई प्रापर्टी में 10 से लेकर 30 प्रतिशत के पार्टनर भी हैं। इनमें से मिलाप चौक के दो भाई और मास्टर तारा सिंह नगर का व्यक्ति भी शामिल है। इसके अलावा नॉर्थ हल्के का आईसक्राइम वाला और जेल कालोनी निवासी व्यक्ति के साथ साथ राजू मदान के भतीजे का नाम सामने आ रहा है। राजू मदान का भतीजा भी रमन अरोड़ा के दफ्तर के काफी काम देखता था।

वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में करोड़ों का घोटाला करने वाला पूर्व पार्षद और अन्य पार्षदों पर भी गाज गिर सकती है। माना जा रहा है कि नगर निगम में पूर्व पार्षद की सैटिंग भी रमन अरोड़ा ने ही करवाई थी, जिसके बाद गैर जरूरतमंद लोगों के घरों के निर्माण के लिए पैसे रिलीज होते रहे। अगर विजिलेंस की जांच में इन पार्षदों की भूमिका सही तरीके से सामने आई तो सभी पर गाज गिरना तय है। सूत्रों ने दावा किया कि नॉर्थ हल्के के दो मोटा-पतलू पार्षद ने भी इसी तरह लोगों को नोटिस भिजवा कर मोटी कमाई की। इसका कुछ हिस्सा विधायक को जाता था। हालांकि एक पार्षद आम आदमी पार्टी का भी नहीं है लेकिन पैसों के खातिर उसने रमन अरोड़ा से काफी नजदीकिया बढ़ा ली थीं।

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