नई दिल्ली, 14 सितंबर। पोर्न क्लिप देखना कोई अपराध नहीं है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पोर्नोग्राफी को लेकर भारतीय कानून में सजा का भी प्रावधान है। किसी के साथ पोर्न क्लिप देखना या सांझा करना अपराध है और इसके लिए जेल की सजा हो सकती है। जुर्माना भी देना होगा। इसके लिए कानून सख्त हैं। हम आपको बता रहे हैं, पोर्नोग्राफी से जुड़ी वो 7 बातें, जिन्हें करने पर आपको जेल जाना पड़ सकता है..
केरल हाई कोर्ट का फैसला- अश्लीलता अपराध नहीं
केरल हाई कोर्ट ने अश्लीलता से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि महज पॉर्न क्लिप देखना कोई अपराध नहीं है। यह टिप्पणी केरल हाई कोर्ट के जस्टिस पीवी कुन्हिकृष्णन की बेंच ने की है। कहा गया कि अगर कोई व्यक्ति अकेले में अश्लील फोटो या वीडियो देख रहा है तो यह आईपीसी की धारा 292 के तहत अपराध नहीं है। उसे ऐसा करने से रोकना उसकी निजता का उल्लंघन माना जाएगा।
साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक मामले में फैसला देते हुए कहा था कि पोर्न देखना गलत नहीं है लेकिन किसी को दिखाना गलत है। किसी को भी भेजना गलत है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक अपराध है। बलात्कार या महिलाओं के खिलाफ हिंसा से संबंधित अश्लील सामग्री देखना अपराध है। इसे एकत्रित करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। जानिए पोर्नोग्राफी से जुड़े 4 कानूनों के बारे में…
1.अश्लील वीडियो या फोटो डाउनलोड कर उन्हें वायरल करना अपराध है। इस अपराध को करने वाले व्यक्ति को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67, 67ए, 67बी के तहत कारावास और जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
2.धारा 67 के तहत पोर्न क्लिप देखना, डाउनलोड करना और वायरल करना भी अपराध है। पहली बार दोषी पाए जाने पर 3 साल की कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना। दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 साल की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा।
3.धारा 67ए के तहत मोबाइल पर पॉर्न क्लिप देखना और उसे वायरल करना अपराध है। पहली बार अपराध करने पर 5 साल की सजा होगी। 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. दूसरी बार पकड़े जाने पर 7 साल की सजा और 10 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
4.धारा 67बी के तहत प्रावधान है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी अपराध है। अगर मोबाइल फोन में इस संबंध में कोई वीडियो या फोटो मिला तो सजा होगी। पहली बार पकड़े जाने पर 5 साल की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 7 साल की जेल होगी। 10 लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा।
आईपीसी के तहत भी सजा होगी
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत पोर्नोग्राफी भी एक अपराध है। इसके लिए धारा 292 और 293 के तहत सजा दी जा सकती है। धारा 292 के तहत अश्लील सामग्री बेचना और वितरित करना अपराध है। इसे प्रदर्शित करना या प्रसारित करना अपराध है।
ऐसा करते पाए जाने पर आपको 2 साल की जेल होगी। 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अगर ऐसी गलती दूसरी बार की गई तो 5 साल की सजा होगी। 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। धारा 293 के तहत 20 साल से कम उम्र के व्यक्ति को अश्लील क्लिप दिखाना अपराध है। इसे बेचना, किराये पर देना या वितरित करना अपराध है। पहली बार ऐसी गलती करने पर 3 साल की सजा और 2,000 रुपये का जुर्माना होगा। दूसरी बार अपराध करने पर 7 साल की सजा होगी। 5,000 रुपये का जुर्माना भी देना होगा।
बाल अश्लीलता के लिए कड़ी सज़ा
बाल पोर्नोग्राफी यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत एक अपराध है। अधिनियम की धारा 14 के तहत बच्चों को अश्लील क्लिप दिखाना अपराध है। आजीवन कारावास हो सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अधिनियम की धारा 15 के तहत बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री रखने पर 3 साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।



