नई दिल्ली,17 मई। ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्रियों को रात में इस वजह से नींद नहीं आती है कि गेट खुला है, कहीं कोई सामान लेकर न भाग जाए। यह चिंता गेट के आसपास की सीटों पर सवार यात्रियों को अधिक रहती है। अगली बार जब आप ट्रेन से यात्रा करें तो रात में निश्चिंत होकर सोइए। गेट बंद करने की चिंता न करें। रेल मैन्युअल के अनुसार, यह जिम्मेदारी टीटी की है और अगर कोई टीटी ऐसा नहीं करता है तो बेधड़क होकर शिकायत कर सकते हैं।
मौजूदा समय रोजाना 10 हजार से अधिक ट्रेनों से करीब दो करोड़ यात्री सफर करते हैं। इनमें प्रीमियम, मेल और एक्सप्रेस मिलकर2122 ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा मेल, पैसेंजर ट्रेनें भी हैं। प्रीमियम ट्रेनों और एसी क्लास में दो गेट लगे होते हैं। एक मेन गेट, दूसरा जहां से सीटें शुरू होती हैं, वहां पर लगा होता है। सामान्य तौर पर इन श्रेणी के कोच के गेट कम खुलते बंद होते हैं। क्योंकि इन कोचों में कम संख्या में यात्री उतरने-चढ़ते हैं। इस वजह से इनमें सवार यात्री सामान की चिंता किए बगैर सफर करते हैं।



