मुफ़्ती आरिफ़ लुधियानवी की मदरसों के जिम्मेदारों, इमामों और अधिकारियों से तत्काल अपील
लुधियाना,19 अप्रैल। मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती ए शहर लुधियाना एवं अध्यक्ष जमीयत उलेमा लुधियाना ने संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जमीयत उलेमा हिंद की ओर से मतदाता जागरूकता अभियान का काम इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है। और जमीयत उलेमा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास और चिंता कर रहे हैं। आपने कहा कि हजरत मौलाना सय्यद महमूद असअद मदनी के कहने पर बंगलोर कर्नाटक के दीनी- दुनियावी तालीम से संबंधित लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल इस समय पंजाब के दौरे पर है एवं यह प्रतिनिधिमंडल पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में बैठकों और कार्यक्रमों के माध्यम से मतदान के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाल रहा है। ताकि इस महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव में हर पुरुष और महिला अपने मत का प्रयोग करें। एवं लोकतंत्र की सुरक्षा व देश के लिए फायदेमंद साबित होने वाले सत्ताधारियों के चुनने में अपना योगदान जरूर डालें।
आपने कहा कि कल मस्जिद अबू बकर सिद्दीकी एल ब्लॉक बीआरएस नगर लुधियाना में इस श्रृंखला का पहला कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।आपने लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर और कपूरथला आदि विभिन्न जिलों के उलेमा,इमामों, मिल्ली और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह इस कार्यक्रम में शामिल हों। एवं वोट जागरूकता अभियान को जुमें के भाषनों, एवं हर तरीके से अपनी जिम्मेदारी समझ कर इसमें अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।
मुफ्ती मुहम्मद इनाम कासमी, अध्यक्ष दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलेमा लुधियाना, जालंधर,अमृतसर, होशियारपुर और कपूरथला ने कहा कि यह चुनाव कई दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी को भी इस संबंध में लापरवाही और आलस्य नहीं बरतना चाहिए इस कार्य में प्राथमिकता के आधार पर भाग लें और अपने प्रभाव क्षेत्र को भी इस बात की ओर आकर्षित करें कि इस समय देश और राष्ट्र की यह बहुत बड़ी सेवा है।
हाजी मुहम्मद फुरकान खज़ानची जमीयत उलमा लुधियाना और परवेज़ आलम अध्यक्ष प्रबंध समिति मस्जिद उमर फारूक पंजाबी बाग लुधियाना ने कहा कि मुसलमानों की राजनीतिक चेतना को जागृत करने के लिए इस समय ऐसे कार्यक्रम जगह जगह होने चाहिए। व पूरे पंजाब में मौजूद यूपी बिहार, बंगाल और राजस्थान आदि राज्यों के लाखों मुसलमान जिन के वोटर कार्ड पंजाब के नहीं, बल्कि अपने मूल इलाकों के बने हुए हैं, ऐसे लोगों से मिल कर उन्हें वोट डालने के लिए अपने इलाकों के सफर पर जाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।





