लुधियाना, 16 जनवरी | आज लुधियाना के बाबा थान सिंह चौक पर अरोड़ा नर्सिंग होम के बाहर कुछ लोगों ने हंगामा किया। अस्पताल में भर्ती महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद झगड़ा हो गया। लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। परिजनों ने डॉक्टरों पर महिला की ठीक से देखभाल न करने का आरोप लगाया।
थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले को शांत कराया। मृतक महिला की पहचान कीर्ति के रूप में हुई है। मृतक कीर्ति के बेटे लाल बहादुर ने जानकारी देते हुए बताया कि वह जनकपुरी गली नंबर 0 में रहता है। उनकी मां को पित्ते में पथरी थी। इसीलिए वह उसे गांव से शहर ले आया। उन्होंने अपनी मां को ऑपरेशन के लिए अरोरा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
ऑपरेशन से पहले कीर्ति का बीपी बढ़ा हुआ था। डॉक्टर ने कहा कि ग्लूकोज देने के बाद जब बीपी स्थिर हो जायेगा तो ऑपरेशन किया जायेगा। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए कुल 35 हजार रुपये बताए, लेकिन पहले 10 हजार रुपये जमा कराए गए।
डॉक्टर ने मां का ऑपरेशन किया। इसके बाद रात 3 बजे उनका सांस लेना मुश्किल हो गया। कुछ देर बाद भाई की बेटी आई और बताया कि मां हिल नहीं रही है। तुरंत डॉक्टरों को सूचना दी गई लेकिन सुबह 4:30 बजे तक कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। यह हादसा डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुआ।
उधर, इस मामले में अरोरा नर्सिंग होम के मालिक डाॅ. डी.पी. सिंह अरोड़ा ने बताया कि यह ऑपरेशन कल शाम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। कभी-कभी ऐसा होता है कि जब कोई व्यक्ति 50 वर्ष से अधिक उम्र का होता है, तो उसे साइलेंट अटैक आ जाता है। पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। वह हर जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे।
थाना डिवीजन नंबर 3 के SHO अमृतपाल शर्मा ने बताया कि महिला कीर्ति के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रखा जाएगा। डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



