विचारों की स्वतंत्रता का अर्थ नहीं कि किसी के धार्मिक भावनाओं को आहत किया जायेः नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट
नई दिल्ली। स्वीडन पुलिस की ओर से ईद उल अज़हा के अवसर पर मुस्लिम समुदाय की पवित्र पुस्तक कुरआन ए पाक को जलाने की घटना पर नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीनियर जर्नलिस्ट मोैलाना अनवर अमृतसरी,कासमी,नदवी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मोैलाना अमृतसरी ने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता का हरगिज़ यह अर्थ नहीं कि किसी के धार्मिक भावनाओं को आहत किया जाये। यह एक अति शर्मनाक ओैर अति निंदनीय हरकत है जो मुआफी के योग्य नहीं है। इस प्रकार के कार्यों को अंजाम देने वाले के खिलाफ नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट की समूह टीम भरपूर कार्रवाई की मांग करती है, साथ ही समूह टीम भारत सरकार से अनुरोध करती है कि वह इस घटना का कड़ा संज्ञान ले।



विचारों की स्वतंत्रता का अर्थ नहीं कि किसी के धार्मिक भावनाओं को आहत किया जायेः नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फ्रंट