पटियाला, 18 दिसंबर | फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर शंभू सीमा पर चल रहे संघर्ष के दौरान सल्फास खाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। करीब 3 दिन के इलाज के बाद आज सुबह उनकी पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई।
सल्फास निगलने वाले शख्स का नाम रणजोध सिंह था। वह खन्ना के गांव रतनहेड़ी के रहने वाले थे। 14 दिसंबर को किसानों के दिल्ली कूच के प्रयास के दौरान शंभू बॉर्डर पर उन्होंने सल्फास निगल लिया था। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनकी मौत के बाद किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है। इस बात से वह बहुत दुखी था। जैसे ही किसान की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद इस मुद्दे को लेकर किसानों की अहम बैठक हो रही है। इसमें मृतक के अंतिम संस्कार आदि के संबंध में निर्णय लेना है। हालांकि, सभी बड़े किसान नेता रेल रोको आंदोलन में शामिल होने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में जा चुके हैं।
किसानों के मुताबिक रणजोध सिंह किसान लहर से जुड़े थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी कुलदीप कौर, एक बेटा और बेटी और बुजुर्ग रिश्तेदार हैं। बेटी की शादी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से आंदोलन में आ रहे हैं।



