दारुल उलूम मलेरकोटला पंजाब में मुफ्ती मुहम्मद शाकिर कासमी का संबोधन
मालेरकोटला,11 अगस्त। मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी, अध्यक्ष जमीयत उलमा संगरूर व पंजाब और मोहतमिम दारुल उलूम मालेरकोटला की देखरेख में शिक्षा के विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत कारी मुहम्मद आकिब की तिलावते कुरआन ऐवं इसी मदरसे के एक छात्र की नात पाक से हुआ। जब कि बतौर मुख्य अतिथि मौलाना, मुफ्ती मुहम्मद शाकिर कासमी केंद्रीय सहायक दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलेमा हिंद ने शिरकत की।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुफ्ती मुहम्मद शाकिर कासमी ने एक संगठित मकतब के महत्व और एक सफल शिक्षक के गुणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलमा हिंद के बेनर तले इस समय देश भर में संगठित मकातिब की स्थापना जगह- जगह की जा रही है, और बहुत कम समय में इसके अद्भुत और उत्साहवर्धक परिणाम आ रहे हैं।
कायदे जमीयत मौलाना सैयद महमूद असद मदनी अध्यक्ष जमीयत उलेमा हिंद के इस संबंध में के प्रयास और चिंता से हम सभी अवगत हैं। आप ने कहा कि धार्मिक शिक्षा के नाम पर संगठित मकातिब के लिए जो पाठ्यक्रम संकलित किया गया है वह बहुत व्यापक और अत्यधिक उपयोगी है इसके संकलन और व्यवस्था में पाठ्यक्रम और छात्रों के मनोविज्ञान को ध्यान में रखा गया है। यह भी इसकी सफलता का एक मुख्य कारण है।
आपने मालेरकोटला, लुधियाना और अन्य स्थानों के विद्वानों (उलमा) और इमामों को शिक्षण पद्धति का एक व्यावहारिक उदाहरण भी प्रस्तुत किया और उन्हें ब्लैकबोर्ड के माध्यम से दीनी तालीमात भाग I नामक पुस्तक के सभी महत्वपूर्ण विषयों और पाठों से अवगत कराया
मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी अध्यक्ष जमीयत उलमा जिला संगरूर ने सम्माननीय अतिथि का धन्यवाद किया और कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और मालेरकोटला और पंजाब में संगठित मकातिब स्थापित करने के प्रयास जारी रहेंगे।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी संयोजक जमीयत उलेमा हरियाणा और पंजाब की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में भाग लेने वालों में कारी मुहम्मद खुर्शीद, मुफ्ती मुहम्मद सलीम कासमी, मास्टर मुहम्मद इकबाल, मुफ्ती नूर मुहम्मद, हाफिज मुहम्मद नाजिम और कारी मुहम्मद रजी आदि के नाम उल्लेखनीय हैं




