Wednesday, April 15, 2026
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टेंडर घोटाला : ED की गिरफ्त में बुरे फंसे भारत भूषण – 6 करोड़ रुपये की नकदी को किया गया फ्रिज…

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नई दिल्ली। केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने पंजाब टेंडर घोटाला मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पंजाब में पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी नेता भारत भूषण आशू सहित उनके परिवार के कुछ सदस्यों की बैंक में जमा करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये की नकदी को फिलहाल फ्रिज करवा दिया गया है। यानी उस पैसे का प्रयोग भारत भूषण या उनके परिवार के कोई सदस्य नहीं कर सकते हैं।

जांच एजेंसी ईडी के द्वारा 24 अगस्त को पंजाब के जालंधर, मोहाली, लुधियाना, नवांशहर, अमृतसर सहित करीब दो दर्जन से ज्यादा लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन किया गया था। उसी सर्च ऑपरेशन के दौरान गगनदीप उर्फ सन्नी भल्ला, पंकज मीनू मल्होत्रा, इंद्रजीत उर्फ इंदी, राकेश कुमार सिंगला सहित कई अन्य आरोपियों के आवास सहित कई अन्य लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।

जांच एजेंसी ईडी के द्वारा सर्च ऑपरेशन के दौरान एक ट्रस्ट और उससे जुड़े कई अधिकारियों के आवास सहित अन्य लोकेशन पर भी सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। ईडी के सूत्र और अधिकारियों के मुताबिक लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम और उस ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।

ईडी के सूत्रों के मुताबिक भारत भूषण आशू के यहां से सर्च के दौरान जानकारी मिली कि करीब चार लॉकर और बैंक अकाउंट में जमा करीब चार करोड़ 81 लाख रुपए की नकदी उनके और उनके परिजनों के नाम से जमा है। लिहाजा उस पैसों को जांच एजेंसी द्वारा फ्रिज करवा दिया गया। इसके साथ ही सर्च के दौरान करीब डेढ़ करोड़ के सरकारी मूल्य के पांच प्रॉपर्टी की जानकारी मिली।

जांच एजेंसी को ऐसी संभावना दिख रही है कि घोटाला के पैसों के द्वारा इन प्रॉपर्टी को खरीदा गया था। जांच एजेंसी ने सर्च के दौरान मिले करीब 30 लाख रुपये को भी जब्त करके आगे की तफ्तीश की जा रही है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक इस टेंडर घोटाला मामले में कई कांग्रेसी पार्टी से जुड़े नेता, कई बड़े स्तर के स्थानीय कारोबारी की भूमिका सामने आई है।

ईडी की रडार पर आए करीब दो दर्जन आरोपियों से संबंधित तफ्तीश की जा रही है जिसके खिलाफ कई महत्वपूर्ण सबूत मिल चुके हैं। ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है क्योंकि पिछले साल पंजाब की विजिलेंस विभाग की तफ्तीश में ये मामला सामने आया था। पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के पास जब फूड और सिविल सप्लायर मंत्रालय था उसी दौरान करीब दो हजार करोड़ रुपए के टेंडर में घोटाले का आरोप लगा था।

पंजाब की मंडियों में लेबर और ट्रांसपोर्टेशन के टेंडर में काफी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई थी। इस मामले में तफ्तीश के दौरान ये जानकारी भी सामने आई है कि ट्रांसपोर्टिंग और सप्लाई के नाम पर काफी फर्जी वाहनों के नाम और उसके नाम का दुरुपयोग किया गया था।

इसकी जांच पंजाब पुलिस की विजिलेंस ब्यूरो की टीम कर रही थी। उसी मामले को आधार बनाते हुए केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी ने इस केस के टेकओवर कर लिया और इस मामले की तफ्तीश के दौरान कई आरोपियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी महत्वपूर्ण सबूतों को इकट्ठा किया गया था।

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