नई दिल्ली: टीम इंडिया को उसकी नई रन मशीन मिल चुकी है। अभी चंद रोज पहले ईशान किशन ने वनडे में डबल सेंचुरी ठोकी थी तो अब शुभमन गिल ने ये कमाल किया। गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए पहले वनडे में 49 गेंदों में 208 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली, जिसमें 19 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। इस ताबड़तोड़ पारी में शुभमन ने बताया कि उनके भीतर कितना धैर्य है, लेकिन करियर के शुरुआती दौर में एक वक्त ऐसा भी आया था जब इस धीर-गंभीर दिखने वाले लड़के ने जेंटलमेंस गेम को शर्मसार कर दिया था।
दौर था साल 2020 का। तीन साल पहले जनवरी में मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम में पंजाब और दिल्ली का मुकाबला जारी था। ये चौथे राउंड का मैच था। शुभमन अपनी घरेलू टीम पंजाब की ओर से खेल रहे थे, लेकिन मैच के पहले ही दिन बवाल हो गया, जब आउट होने के बाद उन्होंने मैदान छोड़ने से ही इनकार कर दिया। दरअसल, मैच में पंजाब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। गिल और सनवीर सिंह ने ओपनिंग का मोर्चा संभाला।
अंपायर को दबाव में डालकर फैसला पलटवाना विरोधी टीम दिल्ली को कतई पसंद नहीं आया। बोलर्स ने तो गेंदबाजों से ही इनकार कर दिया। पूरी टीम अपनी कप्तानी नीतिश राणा की लीडरशीप में मैदान से बाहर चले गई। आखिरकार मैच रेफरी पी. रंगनाथन ने बीच-बचाव कर मैच दोबारा शुरू करवाया। तब तक शुभमन गिल टीम इंडिया में डेब्यू कर चुके थे। दो मैच खेल चुके थे, लेकिन इस जीवनदान के बावजूद वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। तब 20 साल के रहे शुभमन गिल सिमरजीत सिंह का शिकार हुए। 41 गेंद में 23 रन पर उनका कैच अनुज रावत ने पकड़ा।



