Saturday, April 18, 2026
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तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों में खलबली-प्रॉपर्टी संबंधी इंतकालों को टाइम बाउंड निपटाने को लेकर जारी हुए आदेश

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जालंधर,19 अपैल। एडीशनल चीफ सैक्रेटरी रैवेन्यू पंजाब अनुराग वर्मा ने राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों को प्रॉपर्टी संबंधी इंतकालों को टाइम बाउंड निपटाने को लेकर जारी आदेशों ने एस.डी.एम, जिला रैवेन्यू अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों में खलबली मची दी है।

अनुराग वर्मा ने गत कल विडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए की गई मीटिंग के दौरान आदेश जारी किए है कि 30 अप्रैल तक कोई भी इंतकाल जिस पर कोई विवाद नहीं है, मंजूरी को लेकर पैंडिंग नहीं रहना चाहिए।एडीशनल चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि राज्य भर में 17 अप्रैल तक पटवारियों की आई.डी में 31072, कानूनगो की आई.डी में 21413 और सर्किल रैवेन्यू अधिकारियों की आई.डी में 17789 इंतकाल पैंडिंग चल रहे है। एडीशनल चीफ सेक्रेटरी के आदेश जारी होते ही आज जिला में तैनात सभी नायब तहसीलदार और पटवारी आज छुट्टी वाले दिन भी पैंडेंसी क्लियर करने को जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में काम करते दिखाई दिए।

आज गुड फ्राई-डे को लेकर सरकारी छुट्टी के होने के बावजूद कॉम्प्लेक्स में स्थित पुरानी तहसील, सब रजिस्ट्रार बिल्डींग में अधिकारियों और कर्मचारियों की खूब चहल-पहल दिखाई दे रही थी। हरेक नायब तहसीलदार अपने कार्यालय में बैठ रैवेन्यू रिकार्ड को जांच रहा था और जिन इंतकाल में कोई कमी नहीं है उसे अप्रूवल देने का काम किया गया। उल्लेखनीय है कि केवल जालंधर जिला से संबंधित तहसीलों व सब तहसीलों के ऐसे 1650 के करीब इंतकालों का भी विवरण शामिल है, जिसे दर्ज या खारिज करने के निर्धारित समय अवधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी इन इंतकालों का संबंधित अधिकारियों ने कोई निपटारा नहीं किया है।

अनुराग वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जबकि इंतकाल दर्ज या खारिज करने में हो रही अनावश्यक देरी एक ओर जहां जनता के लिए शर्मिंदगी का कारण बनता है, वहीं दूसरी ओर रिश्वतखोरी की संभावना भी पैदा करता है।एडीशनल चीफ सेक्रेटरी ने निर्देश दिया कि डिप्टी कमिश्नर अपने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के साथ रोजाना बैठक आयोजित कर इस संबंध में स्थिति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी पेंडिंग इंतकालों का निपटारा 30 अप्रैल 2025 तक कर दिया जाए। अगर इसके बाद भी कोई विवाद रहित इंतकाल लंबित पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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