जालंधर। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के महासचिव मोहम्मद अकबर अली जालंधरी नेस्विट्जरलैंड देश द्वारा हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के सम्बन्ध में कहा कि स्विट्जरलैंड की हुकूमत इस्लामोफोबिया की शिकार हो गई है, उसको इस्लाम और मुसलमानो से नफ़रत है। स्वीजर लैंड स्वतंत्रता और इजहारे राए की आजादी का दावेदार है मगर ये कैसा लोकतंत्र है की धर्म की पहचान के साथ लिबाज़ को पहनने या न पहनने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
अली ने आगे कहा कि हर धर्म ने अपने अनुयायियों को एक दायरे में रहने के लिए आदेशित किया है, ये बात सिर्फ इस्लाम धर्म की नहीं है बल्कि दुनिया भर में जितने भी धर्म है वो सभी अपने अनुयायियों को खाने व पीने और कपड़ा पहनने साथ ही दिन भर की दिनचर्या के लिए वसूल बताएं है, इसलिए अनुयाई अपने धर्म के मुताबिक जिंदगी गुजारते हैं, इस्लाम ने मुस्लिम महिलाओं को अजनबी लोगों से पर्दा करने का हुक्म दिया है, इसलिए मुस्लिम महिलाए हिजाब य बुर्का पहनती हैं, ये मुस्लिम महिलाओं का अधिकार है और वो अपने धर्म के वसूलो का पालन करती है, इस पर किसी को कोई आपत्ती नही होनी चाहिए।
अली ने कहा स्विट्जरलैंड हुकूमत अपने फैसले पर पुनर्विचार करे चुकी वहां पर मुसलमान एक बड़ी संख्या में आबाद हैं, किसी मज़हबी पहनावे पर पाबंदी लगाना ये स्पष्ट करता है कि स्विट्जरलैंड हुकूमत मुसलमानों के खिलाफ है। इस मामले को हमारे राष्ट्रीय मुस्लिम जमात रजि दरगाह बरेली शरीफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफती शहाबुद्दीन रिजवी और भारत के कई जिम्मेदार सुझवान उठा रहे हैं । भारत की हकूमत को भी ईस मामले में अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करनी चाहिए ताकि पुरी दुनिया को बाखुबी पता चल जाए कि भारत सेक्युलर देश है और भारत की हकूमत की सोच भी सेकुलर है।



