नई दिल्ली। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज ने राजनीति में एंट्री की है। उन्हें दिल्ली भाजपा लीगल सेल का को-कनवीनर यानी सह-संयोजक बनाया गया है। बांसुरी पेशे से वकील हैं। फिलहाल वे प्राइवेट प्रैक्टिस के साथ ही हरियाणा के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल के तौर पर काम कर रही हैं।
यह जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने कहा कि पार्टी की सेवा करने के लिए यह मौका मुझे मिला है। मैं पार्टी लीडरशिप की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी और लोगों के बीच सक्रिय रूप काम करने का मौका दिया। चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अभी इस पोजिशन पर काम करना चाहूंगी न कि आगामी चुनावों के बारे में सोचना चाहूंगी।
16 साल का लीगल एक्सपीरिएंस, ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स
बांसुरी ने 2007 में दिल्ली बार काउंसिल से जुड़ी थीं। उनके पास लीगल प्रोफेशन में 16 साल का तजुर्बा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरविक से इंग्लिश लिटरेचर से ग्रेजुएशन किया और फिर लंदन के BPP लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की। उन्होंने ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के सेंट कैथरीन्स कॉलेज से मास्टर ऑफ स्टडीज किया है।
अपने प्रोफेशनल करियर में बांसुरी स्वराज ने कई हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स के केस रेप्रेजेंट किए हैं। उन्होंने रियल एस्टेट, टैक्स, कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े झगड़े और कई क्रिमिनल ट्रायल केस भी लड़े हैं। बांसुरी की प्राइवेट प्रैक्टिस के दौरान ही उन्हें हरियाणा के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया था।
दुनिया की सबसे चर्चित महिला नेता थीं सुषमा स्वराज
सुषमा स्वराज दुनिया की सबसे चर्चित देश की सबसे लोकप्रिय महिला नेता रहीं। 6 अगस्त 2019 को उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। सुषमा ने ने विदेश मंत्रालय के कामकाज में मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता दी। विदेश में बसे भारतीय अगर किसी मुश्किल में होते तो वे फौरन सुषमा को याद करते। जून 2017 में सुषमा ने ट्वीट किया था कि अगर आप मंगल ग्रह पर भी फंस गए हैं तो वहां भी भारतीय दूतावास मदद करेगा।



