Friday, June 19, 2026
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बिलकिस बानो रेप केस- जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की डिवीजन बेंच मुजरिमों की रिहाई के खिलाफ करेगी सुनवाई आज

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दोषी शैलेश चिमनलाल भट्ट को बीजेपी सांसद जसवंत सिंह भाभोर और MLA शैलेश भाभोर के साथ देखा गया था मंच पर

नई दिल्ली। बिलकिस बानो केस में 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई देने वाले गुजरात सरकार के फैसले के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इससे दो दिन पहले यानी शनिवार को केस के एक दोषी शैलेश चिमनलाल भट्ट को बीजेपी सांसद जसवंत सिंह भाभोर और MLA शैलेश भाभोर के साथ मंच पर देखा गया। हर घर जल योजना से जुड़ा कार्यक्रम सरकार की ओर से कराया गया था।

बता दें कि आज मामले की सुनवाई जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की डिवीजन बेंच करेगी। इससे पहले दिसंबर 2022 में मामले की सुनवाई करने वाली बेंच से जज बेला माधुर्य त्रिवेदी ने अपना नाम अलग कर लिया था। इसी वजह से सुनवाई टाल दी गई थी।

15 अगस्त को रिहा किए गए थे रेप के दोषी
बानो की वकील शोभा गुप्ता ने नई बेंच बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से कई बार अपील की। नई बेंच बनाने की बार-बार अपील करने पर CJI भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि मामले में जल्द सुनवाई नहीं होगी, परेशान न करें। इसके बाद 22 मार्च को कोर्ट ने बताया कि नई बेंच सुनवाई के लिए तैयार है।

दरअसल, 2002 के गोधरा कांड के दौरान बिलकिस बानो से रेप और उसके परिवार के लोगों की हत्या के दोषियों को पिछले साल 15 अगस्त को समय से पहले रिहा कर दिया गया था। इसी के खिलाफ बानो ने 30 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

बिलकिस ने दाखिल की थीं दो याचिकाएं
बिलकिस बानो ने 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की थीं। पहली याचिका में 11 दोषियों की रिहाई को चुनौती देते हुए उन्हें तुरंत वापस जेल भेजने की मांग की थी। वहीं, दूसरी याचिका में कोर्ट के मई में दिए आदेश पर फिर से विचार करने की मांग की थी, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि दोषियों की रिहाई पर फैसला गुजरात सरकार करेगी। इस पर बिलकिस ने कहा कि जब केस का ट्रायल महाराष्ट्र में चला था फिर गुजरात सरकार फैसला कैसे ले सकती है?

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