Saturday, June 20, 2026
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सूरत कोर्ट द्रवारा राहुल गांधी धारा 400 और 500 के तहत दोषी करार- 2 साल की सजा समेत15 हजार का लगाया गया जुर्माना

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नई दिल्ली/सूरत। ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है…’ वाले बयान से जुड़े मानहानि केस में राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने गुरुवार को दोषी करार दिया। इस फैसले के 27 मिनट बाद कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा और 15 हजार का जुर्माना भी लगाया। इसके कुछ देर बाद उसी कोर्ट ने उन्हें 30 दिन के लिए जमानत भी दे दी गई। सुनवाई के दौरान राहुल कोर्ट में मौजूद रहे।

राहुल ने कोर्ट में अपना पक्ष भी रखा। उनके वकील के मुताबिक, राहुल ने कहा कि बयान देते वक्त मेरी मंशा गलत नहीं थी। मैंने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। कोर्ट के बाहर विधायक और याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी और उनके समर्थकों ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए। इस मामले में उन पर पिछले 4 साल से मानहानि का मामला चल रहा था। इससे पहले कोर्ट ने 17 मार्च को इस मामले में सभी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

राहुल आईपीसी की धारा 500 में दोषी करार
राहुल को आईपीसी की धारा 400 और 500 के तहत दोषी करार दिया गया है। इसमें 2 साल की सजा का प्रावधान है। राहुल के वकील ने कोर्ट से कहा- इस पूरी घटना में कोई घायल नहीं हुआ। इससे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसलिए हम किसी प्रकार की दया की याचना नहीं करते हैं।

राहुल की सजा पर किसने क्या कहा

  • किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी मानहानि केस पर कहा कि मैं कुछ भी कहने से पहले ऑर्डर की कॉपी देखूंगा। राहुल गांधी जो कुछ भी बोलते हैं वह हमेशा कांग्रेस पार्टी और पूरे देश पर गलत असर डालता है। कांग्रेस के कुछ सांसदों ने मुझसे कहा है कि राहुल के रवैए से कांग्रेस को ही नुकसान हो रहा है।
  • गुजरात BJP अध्यक्ष, सीआर पाटिल ने कहा, ‘राहुल कहीं भी कुछ भी बोल देते हैं। उन्होंने पूरे समाज को बदनाम किया। इससे मोदी समाज में गुस्सा था। इसलिए आज कोर्ट ने भी उन्हें सजा दोषी करार दिया है। राहुल गांधी जो बकवास करते हैं। वो बंद करें।’
  • दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गैर बीजेपी नेताओं और पार्टियों पर मुकदमे करके उन्हें खत्म करने की साजिश हो रही है। हमारे कांग्रेस से मतभेद हैं मगर राहुल गांधी जी को इस तरह मानहानि केस में फसाना ठीक नहीं। जनता और विपक्ष का काम है सवाल पूछना। हम अदालत का सम्मान करते हैं पर इस निर्णय से असहमत हैं।
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