औरंगाबाद/महाराष्ट्र। औरंगाबाद में एक काफी ही संवेदनशील मामला सामने आया है। इस खबर को पढ़कर आप भी भावुक हो जाएंगे। दरअसल औरंगाबाद जिले में एक परिवार पर गरीबी इस कदर हावी हुई कि परिजन तेलंगाना में हुई मौत के बाद बेटे अंकित के शव को भी अपने गांव तक नहीं ला सके। परिवार ने पुतला बनाकर अंकित का दाह संस्कार कर दिया। गरीबी का दर्द बयां करती यह खबर औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड के शिवपुर गांव से जुड़ी है।
मिली जानकारी के अनुसार शिवपुर गांव के सुरेंद्र मालाकार का 21 वर्षीय पुत्र अंकित तेलंगाना के जगदलपुर जिले के बेलकाटुर में रहकर जीबीआर नामक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। लेकिन, पिछले 1 मई को वह अचानक लापता हो गया था, उसके साथ रहने वाले उसके बहनोई राजन भगत ने काफी खोजबीन की लेकिन जब उसका कुछ भी पता नहीं चल सका। इसके बाद राजन ने घरवालों को इसकी सूचना दी।
मिली जानकारी के अनुसार शिवपुर गांव के सुरेंद्र मालाकार का 21 वर्षीय पुत्र अंकित तेलंगाना के जगदलपुर जिले के बेलकाटुर में रहकर जीबीआर नामक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। लेकिन, पिछले 1 मई को वह अचानक लापता हो गया था, उसके साथ रहने वाले उसके बहनोई राजन भगत ने काफी खोजबीन की लेकिन जब उसका कुछ भी पता नहीं चल सका। इसके बाद राजन ने घरवालों को इसकी सूचना दी।
शव को औरंगाबाद लाए जाने की बात तो दूर, पैसों की कमी की वजह से परिवार का कोई सदस्य तक तेलंगाना नहीं जा सका। ऐसी स्थिति में थक हारकर परिवार ने पुतला बनाकर अंकित का दाह संस्कार कर दिया। परिजनों को अंकित का शव नहीं ला पाने का गम खाए जा रहा है वहीं इकलौता कमाऊ बेटे के अचानक चले जाने से परिजनों के खाने के लाले भी पड़ गए हैं। इधर ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ साथ जन प्रतिनिधियों से भी इस बेहद गरीब परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाने की गुहार लगाई है ताकि अंकित का क्रिया कर्म किया जा सके



