सुल्तानपुर लोधी, 16 मार्च ( डा सुनील धीर) हमारी जहरीली नदियाँ जहाँ सूख रही हैं वहीं स्थिर होती जा रही हैं। ये शब्द आज पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने व्यक्त करते हुए नववर्ष के आगमन पर ऐतिहासिक गांव डल्ला साहिब में पौधे लगाकर सिख पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर संत सीचेवाल ने गांववासियों के साथ मिलकर निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट में पौधे लगाए। उन्होंने कहा कि भारत के 310 जिले जलवायु परिवर्तन के प्रभाव में आ गये हैं।
डल्ला साहिब के इतिहास का जिक्र करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि इस गांव को 8 गुरु साहिबों और 72 ब्रह्म ज्ञानियों के चरण स्पर्श हुए हैं। हर साल यह दिन गुरु हरिराय साहिब जी की जयंती को समर्पित सिख पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जल, थल, वायु समेत कई तरह के दिवस मनाये जाते हैं, लेकिन असल में लोग प्रकृति से अलग होते जा रहे हैं । इसका प्रमाण सूखती और मरती जा रही विषैली नदियाँ हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी धर्म हमें प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का सम्मान करना सिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि सीचेवाल मॉडल के माध्यम से क्षेत्र के 200 से अधिक गांवों को प्रदूषण मुक्त करना समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अगर लोग मृत नदी को पुनर्जीवित कर सकते हैं तो प्रदूषित नदियों को भी स्वच्छ जलधारा में क्यों नहीं बदल सकते।



