पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में 22 दिनों से लापता गांव कोटभाई के युवक हरमन की हत्या मामले में आरोपियों द्वारा उसके घर फेंका गया धमकी वाला पत्र सामने आया है। यह पत्र आरोपी ने अपने स्कूल में पढ़ने वाले नाबालिग बेटे से लिखवाया है। पत्र में साफ लिखा कि यदि 5 दिनों में 30 लाख का इंतजाम नहीं किया तो हमरन को मौत के घाट उतार दिया जाएगा।
वहीं धमकी देने वालों ने लिखा था कि पड़ोसियों की बातों में आकर गलती से भी पुलिस तक ये बात नहीं जानी चाहिए। अगर पुलिस को पता चला तो वह पैसे नहीं लेंगे और हरमन को मार देंगे। बता दें आईजी (पी) फरीदकोट रेंज प्रदीप कुमार यादव ने खुलासा करते हुए कहा थि कि जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया है उनकी निशानदेही से गांव शामखेड़ा खेतों से मृतक हरमन का शव भी बरामद कर लिया है।
आरोपियों की पहचान मलकीत सिंह निवासी अलीके झुग्गियां (फिरोजपुर), नवजोत सिंह रमनदीप कौर निवासी दुल्लापुर केरी (राजस्थान), मनदीप सिंह निवासी चक्क राम सिंह वाला (बठिंडा), गुरसेवक सिंह निवासी शाम खेड़ा (मुक्तसर) तथा जगमीत सिंह उर्फ मूशी निवासी मलकाना (बठिंडा) के रूप में हुई है। मामले का मास्टरमाइंड नवजोत सिंह विदेश भाग चुका है।
9 महीने पहले गांव संगत में भी किया था व्यक्ति अगवा
सूत्र बताते हैं कि मास्टरमाइंड नवजोत ने करीब 9 महीने पहले गांव गुड़ी संगत में भी एक व्यक्ति को अगवा किया था। यह मामले में पुलिस ने था लेकिन परिवार द्वारा किसी बात के बाद आरोपी को छोड़ दिया गया था। आज हरमन की मौत के बाद ये बात बाहर निकल कर आ रही है। बताया जा रहा है कि गांव गुड़ी संगत का परिवार भी आरोपी नवजोत के खिलाफ आज मोर्चा खोलने वाला है।
25 नवंबर को किया था अगवा
25 नवंबर को थाना कोटभाई में हरमन के पिता सुखदेव सिंह ने उसके अगवा होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसके बाद से पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। IGP फरीदकोट रेंज प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि आरोपी इंटरनेट के जरिए फोन पर धमकी दे रहे थे कि अगर परिजनों ने हरमन के अगवा होने के बारे में पुलिस या किसी और को सूचना दी तो वह उसको जान से मार देंगे।
पैसों लेने के बावजूद मरा ही मिलना था हरमन
सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि आरोपियों ने हरमप को 25 नवंबर को ही मार दिया था। आरोपियों की योजना थी कि परिवार से 30 लाख रुपए भी ले लिए जाएं और हरमन का शव ही उनको सुपुर्द किया जाए। आरोपी लगातार 30 लाख रुपए की फिरौती की मांग कर रहे थे और फिरौती किस जगह पर पहुंचानी है, इस संबंध में भी वे परिवार को लगातार चिट्ठियां भेज रहे थे। हरमन की मौत के बाद पूरे गांव और घर में मातम छाया है।
मलकीत पहुंचाता था पत्र
आरोपी मलकीत सिंह मृतक हरमन के परिवार वालों तक चिट्ठियां पहुंचाता था, जबकि आरोपी गुरसेवक का पिता गांव शामखेड़ा का सरपंच है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही से गांव शामखेड़ा खेतों से हरमन के शव कों निकाल लिया है।
मास्टरमाइंड नवजोत सिंह बठिंडा के गांव मलकाना का निवासी है। लंबे समय से वह अपने ननिहाल घर गांव शामखेड़ा में रह रहा है। वह हरमन को अगवा करने के लिए काफी समय से रेकी करता आ रहा था। 25 नवंबर को आरोपी ने हरमन को गांव कोटभाई से बातों में उलझाकर गुरसेवक सिंह के घर शामखेड़ा में ले गया।



