Saturday, April 11, 2026
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शब ए बरात दुआ के कबूल होने की रात है, मदरसा अरबिया हिफ्ज अल-कुरान लखोवाल में मुफ़्ती मुहम्मद आरिफ़ लुधियानवी का संबोधन

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लखोवाल 28 फरवरी। शब-ए-बारात के मौके पर मदरसा अरबिया हिफ्ज-उल-कुरान लखो गद्दोवाल की मस्जिद में एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता व सरपरस्ती के कार्य कारी मुहम्मद याकूब कासमी, मोहतमिम मदरसा अरबिया हिफ्ज अल-कुरान लखोवाल ने  अंजाम दिए। और विशेष अतिथि के रूप में मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती  ए शहर लुधियाना शहर और जमीयत उलेमा लुधियाना के अध्यक्ष ने भाग लिया।

मदरसा अरबिया हिफ्ज-उल-कुरान के हिफ्ज व नाजरा एव दीनियात के छात्रों ने कुरान की तिलावत, नात-ए-नबी और भाषण प्रस्तुत किए, जिस से मदरसे के शैक्षिक प्रदर्शन  बेहतर उदाहरण सामने आया।समागम के विशेष अतिथि मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती  ए शहर लुधियाना शहर और जमीयत उलेमा लुधियाना के अध्यक्ष ने कहा कि शब-ए-बारात  उन पांच रातों में से एक है जिनमें दुआएं कबूल की जाती हैं और खुदा के बंदों को माफ कर दिया जाता है।  आपने वहां मौजूद  लोगों से कहा कि सफल एवं रब चाही जिंदगी दीन का इलम हासिल किए  गुजारना  मुश्किल काम है, इसलिए     इलम एवं उलेमा, मदारिस- मकातिब से संबंध स्थापित करें और प्राथमिकता के आधार पर नई पीढ़ी की धार्मिक शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था करें।

कारी मुहम्मद याक़ूब कासमी, मोहतमिम मदरसा अरबिया हिफ्ज अल-कुरान ने तकरीर करते हुए कहा कि शब-ए-बारात के अनमोल घंटों को महत्व दें और इधर-उधर घूमने और बेकार की बातों और बेकार के कामों बातों में वयस्त होने के बजाय खुदा को याद करें। कारी मुहम्मद मेहताब कासमी ने मेहमानों  का धन्यवाद किया और अपने भोज कर्तव्यों को अच्छी तरह से निभाया। प्रतिभागियों में मुहम्मद बशीर, मुहम्मद रांझा, रोशन दीन, आलम दीन, मुहम्मद रफीक, मुहम्मद गुल्लू, मुख्तार आलम, मुहम्मद तबरेज़, कारी मुहम्मद जाकिर, कारी मुहम्मद इकराम, अब्दुल समद और हाजी मोहम्मद राशिग और अन्य के नाम शामिल हैं।

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