चंडीगढ़। देश की सबसे बड़ी एग्जाम एजेंसी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के खिलाफ चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के स्कूल प्रबंधकों ने मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि सीबीएसई समय-समय पर तुगलकी फरमान जारी कर रही है। सीबीएसई इससे बाज नहीं आई तो वे पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और सीबीएसई से कन्नी काटकर अन्य बोर्ड की मान्यता ले लेंगे।
बुधवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में सीबीएसई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लगभग 3000 स्कूलों के प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया कि सीबीएसई मात्र एग्जामिनिंग बॉडी है। वे बार-बार कह चुके हैं कि स्कूलों में प्रदेश सरकार के नियम लागू होंगे फिर भी हर हफ्ते कोई न कोई ऑर्डर जारी कर सीबीएसई प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों को परेशान कर रहा है।
इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन चंडीगढ़ के प्रेजिडेंट एचएस मामिक ने कहा कि सीबीएसई सिर्फ एग्जाम लेने वाली बॉडी है और बिना अधिकार के ही सीबीएसई अपने ऑर्डर जारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधकों पर कोई न कोई फीस लगाकर सीबीएसई पैसा वसूलने में लगी है। जबकि लोकल प्रशासन देखेगा कि किस
स्कूल में कहां कितने सेक्शन खोलने हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एचपीएससी) के प्रेजिडेंट एसएस गोसांई और सीनियर वाइस प्रेजिडेंट सुरेश चंद्र, फेडरेशन आफ प्राइवेट स्कूल एंड एसोसिएशन आफ पंजाब के प्रेजिडेंट जगजीत सिंह व लीगल कन्वीनर संजीव कुमार सैनी, चंडीगढ़ की इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी आरडी सिंह मौजूद थे।



