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जालंधर से मुस्लिम कॉलोनी निवासियों ने बाढ़ पीड़ितो की सेवा के लिए बढ़ाये कदम

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जात-पात और मज़हब की दीवारों को तोड़कर आगे आए और पीड़ितों की मदद करेें: मनसूर आलम

यह राहत सामग्री हमारी तरफ से छोटे से योगदान की शुरुआत है, आगे भी हम लगातार पीड़ितों के बीच खड़े रहेंगे:अली अहमद

जालंधर,11 सितम्बर। जालंधर की मुस्लिम कॉलोनी से समाजसेवी श्री मनसूर आलम जी ने अपने साथियों के साथ पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री लेकर गुरदासपुर का रुख किया। इस मुश्किल घड़ी में उनका यह कदम इंसानियत और भाईचारे की सच्ची मिसाल है। उन्होंने कहा कि पंजाब के बाढ़ प्रभावित परिवार आज भारी कठिनाइयों से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में हर वर्ग को एकजुट होकर उनकी मदद करनी चाहिए। यह किसी एक मज़हब या बिरादरी का मसला नहीं है, बल्कि इंसानियत की पुकार है। मनसूर आलम जी और उनकी टीम द्वारा पहुंचाई गई राहत सामग्री से पीड़ित परिवारों को तत्काल सहारा मिलेगा। उनका यह मानवीय प्रयास पंजाब में सामाजिक एकता और मानव सेवा की गहरी भावना को उजागर करता है।

प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री मनसूर आलम  ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अपने साथियों के साथ पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री लेकर गुरदासपुर का रुख किया। उनके इस कदम से न केवल पीड़ित परिवारों को सहारा मिला है बल्कि समाज में इंसानियत और भाईचारे का अनोखा संदेश भी गया है।

इस अवसर पर अली अहमद ने रवाना होने से पहले कहा कि आज पंजाब एक गंभीर आपदा से गुजर रहा है। बाढ़ ने हजारों घरों को तबाह कर दिया, लोग खाने-पीने, कपड़े और दवाइयों तक के लिए तरस रहे हैं। ऐसे समय में हर नागरिक का फर्ज़ बनता है कि वह जात-पात और मज़हब की दीवारों को तोड़कर आगे आए और पीड़ितों की मदद करे। यह राहत सामग्री हमारी तरफ से छोटे से योगदान की शुरुआत है, आगे भी हम लगातार पीड़ितों के बीच खड़े रहेंगे। उनके साथियों ने भी कहा कि श्री मनसूर आलम जी हमेशा समाज सेवा के लिए जाने जाते हैं और इस बार भी उन्होंने पंजाब की जनता को यह विश्वास दिलाया है कि मुश्किल की घड़ी में सब एकजुट हैं।

राहत सामग्री में ज़रूरी राशन, कपड़े, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामान शामिल है, जो प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देगा। गुरदासपुर के लोगों ने भी इस मदद का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से हिम्मत बढ़ती है और यह साबित होता है कि पंजाब की सरज़मीन हमेशा एकता और सहयोग की मिसाल रही है।

इस अवसर पर मनसूर आलम,कामिल,छोटे शकील,हाजी शकील,निजामुद्दीन मुन्ना, मुहम्मद अली,यामीन भाई, मोनू,अली अहमद, शहजाद, वसीम,मनजर,सलीम, जूनैद,जमील, कलीम आजाद,अब्दुल, हाजी अशरफ, चांद, फरहान खान, शमशु जमां,मनी अरोडा,जमाल,आसिफ, के अलावा बडी गिनती में लोगों ने सहयोग के साथ साथ अन्य कार्य अंजाम दिये

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