चंडीगढ़ ,6 दिसंबर | पंजाब के लोगों के कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने प्लॉट की रजिस्ट्री और बिजली मीटर के लिए आबजैक्शन प्रमाण पत्र (NOC) की शर्त को समाप्त कर दिया, जिसका फायदा पंजाब के लोगों को हुआ और उन्हें प्लॉट मिले। रजिस्ट्रेशन और बिजली मीटर लगाने के लिए NOC की जरूरत होती है, लेकिन कॉलोनी अनाधिकृत होने के कारण दिक्कतें आ रही थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि लोगों को अपने भूखंडों की रजिस्ट्री कराने और बिजली मीटर लगवाने में आने वाली समस्या खत्म हो गई है और अनधिकृत कॉलोनियों पर रोक लग गई है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले का उद्देश्य आम लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि नए संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, जिसने 31 जुलाई, 2024 तक 500 वर्ग गज तक के क्षेत्र के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी, स्टांप पेपर पर बेचने का समझौता या ऐसे किसी अन्य दस्तावेज को निष्पादित किया है। अनुबंधित क्षेत्र के लिए NOC जिसे सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है। आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलोनाइजर अवैध रूप से धन इक्ट्टा करते हैं लेकिन उनके गलत काम का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने तीन बार अवैध कॉलोनियों को नियमित किया, जबकि हर बार यह शर्त लगाई गई कि यह राहत आखिरी बार है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अवैध कॉलोनियों को नहीं बल्कि आम लोगों के प्लॉटों को वैध करने के लिए लिया गया है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उन लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से बिना एनओसी के ली गई अनधिकृत कॉलोनियों में पौधे और घर खरीदे गए और उन्हें पंजीकरण कराने और बिजली मीटर लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
सरकार की ओर से जारी निर्देश के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है कि 31 जुलाई 2024 के बाद रजिस्ट्री से 500 गज तक के मकान और प्लॉट के मालिक अब अपने घरों में बिजली पा सकेंगे एवं बिना एनओसी के मीटर लगा सकते हैं। इससे पहले अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट और मकान खरीदने वाले लाखों परिवारों को अपने घरों में बिजली मीटर लगवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी।



