चंडीगढ़, 6 दिसंबर | पिछले 9 महीने से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर डेरा डाले किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करना शुरू कर दिया है। 101 किसान पैदल ही 2 बैरिकेड पार कर अंबाला की ओर बढ़ गए हैं। अब उन्हें हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बैरिकेड पर रोक दिया है।
किसानों ने बैरिकेड्स और कंटीले तार हटा दिए हैं। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी। किसान और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं।
हरियाणा सरकार ने एमएसपी, कर्ज माफी और पेंशन जैसी अपनी मांगों को लेकर 13 फरवरी से प्रदर्शन कर रहे किसानों को मार्च करने की इजाजत नहीं दी है।
किसानों के विरोध को देखते हुए हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने पंजाब-हरियाणा की सीमा से लगे अंबाला के 11 गांवों में इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया है। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले और मिर्च स्प्रे की। खनूरी बॉर्डर पर शुरू हुआ आंदोलन, किसानों ने मार्च तो नहीं निकाला लेकिन पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़कर आ गई।
कहां हैं इंतजाम?
खानूरी बॉर्डर- पुलिस की 13 कंपनियां, सीआरपीएफ और बीएसएफ की एक-एक कंपनी तैनात की गई है। कुल डेढ़ हजार से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। 3 जेसीबी, वाटर कैनन वाहन, 3 वज्र वाहन, 20 रोडवेज बसें और 7 पुलिस बसें तैनात की गई हैं। 30 किलोमीटर के क्षेत्र में 3 जगहों पर तीन पधरी बैरिकेडिंग की गई है।
शंभू बॉर्डर– यहां 3 लेयर बैरिकेडिंग है। हरियाणा पुलिस ने सीमेंट की पक्की दीवार बनाई है। पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। पुल के नीचे करीब 1,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। वज्र वाहन और एंबुलेंस भी मौजूद हैं। फिलहाल यहां करीब डेढ़ हजार किसान जुटे हुए हैं।



