मुस्लिम समुदाय किसी भी पार्टी की जीत और हार तय कर सकता हैः एडवोकेट नईम खान
जालंधर। दो दिन पहले डेरा बल्ला में 25 करोड़ रुपये का अनुदान देने के बाद अब जालंधर जिले के मुस्लिम समुदाय ने भी अपने धार्मिक स्थलों के लिए अनुदान की मांग की है। मुस्लिम संगठन पंजाब ने पंजाब की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक ईदगाह की दीवार पर बोर्ड लगाए हैं, जो एक अनुरोध और एक चेतावनी के रूप में दिखाए गए हैं। जिसमें सरकार से ईदगाह के अंदर पार्क स्थापित करने और पानी बचाने के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली, रमजान के महीने में तीर्थयात्रियों के लिए रोशनी की व्यवस्था करने सहित ईदगाह के अंदर महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का अनुरोध किया जा रहा है।
मास्ट लाईट लगाने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य हैं जिन पर बार-बार सरकार व संबंधित विधायक व राज्यसभा सांसद का ध्यान आकृष्ट किया जाता रहा है लेकिन अभी तक मुस्लिम समुदाय के कार्यों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस बोर्ड पर मजाक उड़ाते हुए कई पंक्तियां लिखी गई हैं। प्रदेश अध्यक्ष नईम खान एडवोकेट ने कहा कि वह बार-बार मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने के लिए समय मांग रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया और गत दिवस राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल व रमेश मित्तल के साथ मुलाकात कर ईदगाह के विकास के लिए धन जारी करने की रिक्वेस्ट की लेकिन आश्चर्यजनक रूप से जालंधर जिले में मुस्लिम समुदाय की पूरी तरह से उपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने चुनाव को लेकर 9 विधानसभा क्षेत्रों में बैठकें की हैं, जालंधर जिले की मौजूदा स्थिति यह है कि मुस्लिम समुदाय किसी भी पार्टी की जीत और हार तय कर सकता है क्योंकि दो लाख से अधिक मतदाता मुस्लिम हैं। इसलिए अगर जल्द ही आम आदमी पार्टी ने हमारी महत्वपूर्ण और प्रमुख मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो राज्य सरकार के प्रत्याशी का चुनाव में पूर्ण बहिष्कार कर दिया जाएगा।



