Friday, April 17, 2026
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अब टूटेगा नशे का नेटवर्क, पंजाब में नशे से होने वाली हर मौत पर दर्ज होगा गैर इरादतन हत्या का मामला

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पंजाब, 5 सिंतबर  : पंजाब में अब नशे के कारण होने वाली हर मौत पर गैर इरादतन हत्या (आईपीसी की धारा 304) का केस दर्ज किया जाएगा। मौत के हर मामले की जांच के बाद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी तक कुछ चुनिंदा मामलों में ही यह कार्रवाई होती थी, लेकिन अब हर मामले में पुलिस सख्ती से पेश आएगी।

विशेष मुहिम चलाएगी पुलिस
आईजी हेडक्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि लोगों को नशे से दूर रखने के लिए पुलिस विशेष मुहिम चलाएगी। इसमें नामी सेलिब्रिटी और फिल्मी सितारों को जोड़ा जाएगा। उनके संदेशों को सोशल मीडिया समेत कई मंचों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाकर उन्हें जागरूक किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि लोग इन हस्तियों को अपना आदर्श मानते हैं।

नशे में लिप्त महिलाओं पर भी रहेगी नजर
पुलिस नशे की उस सप्लाई चेन को तोड़ने में जुटी है जो लोगों को घरों, गलियों और बाजारों में आसानी से नशा मुहैया करवा रही है। पुलिस टीमों को ऐसे नशा तस्करों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा दवाइओं की आड़ में होने वाले नशे के कारोबार पर नकेल कसी जाएगी। पुलिस अधिकारियों को इस बारे में समझाया गया है, उन्हें यह कार्रवाई पहल के आधार पर करनी होगी। नशे में शामिल महिलाओं पर भी नजर रहेगी। नशे के हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी।

अब पुलिस गली स्तर पर चलाएगी जागरूकता मुहिम
पुलिस पब्लिक कनेक्ट प्रोग्राम करवाएगी। इसमें सभी रेंज के अधिकारी, एसएसपी व कमिश्नर लोगों से तालमेल बढ़ाएंगे। सभी गली-मोहल्ले और गांव कवर किए जाएंगे। लोगों के साथ बैठकें की जाएंगी और उनसे मिली फीडबैक के आधार पर कार्रवाई होगी। रैली, पेंटिंग समेत कई तरह के मुकाबले करवाए जाएंगे। युवाओं को जागरूक किया जाएगा। नशा विरोधी कमेटियों के साथ पुलिस तालमेल करेगी।

तस्करों के मददगार पुलिस अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि नशा तस्करी से जुड़े केसों में सख्त कार्रवाई की जाए। तस्करों के मददगार पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। आरोपियों को काबू करने के बाद तय समय में चालान पेश किया जाए।

 युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा
नशे के आदी लोगों की पहचान कर उनका इलाज कराया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्रों को मजूबत किया जाएगा। पुलिस, जिला प्रशासन, एजुकेशन, हेल्थ व खेल विभाग मिलकर नशे के खिलाफ काम करेंगे। स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चलाए जाएंगे। रोजगार के लिए युवाओं की प्रतिभा को तराशने के लिए पुलिस माइक्रो फाइनेंसिंग करेगी।
कम मात्रा में नशे के साथ पकड़े जाने वाले नहीं भेजे जाएंगे जेल
कम मात्रा में नशे के साथ पकड़े जाने वाले युवाओं के साथ पुलिस पीड़ित की तरह व्यवहार करेगी। उसे सुधरने का मौका दिया जाएगा। तस्करी से जुड़े केसों में तस्करों की प्रॉपर्टी अटैच की जाएगी। पुलिस ने 92 तस्करों की प्रॉपर्टी अटैच करने की रणनीति बनाई है। इसमें अब तक करीब 80 तस्करों की 30 करोड़ से अधिक प्रॉपर्टी अटैच हो चुकी है।

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