संत कबीर नगर,11 मार्च । राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल प्रजापति के नेतृत्व में राज्यवार बिभिन्न संगठन प्रमुखों एवं राजनैतिक गणमान्यो के मध्य एकीकरण/समन्वय एवं ज्वलंत सामाजिक मुद्दे जैसे राज्यवार जनसंख्या के अनुपात में लोकसभा भागीदारी, रिजर्व आरक्षण, माटीकला बोर्ड की स्थापना,हक अधिकार को लेकर आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियो पर लाठी चार्ज एवं आएं दिन गरीब कमजोरों पर हो जुल्म ज्यादती अन्याय उत्पीड़न की रोकथाम, जातिगत जनगणना,सस्ती अथवा निशुल्क शिक्षा व्यवस्था तथा समाज में व्याप्त भय भूख और भ्रष्टाचार मंहगाई बेरोजगारी आदि को लेकर चिंतन मंथन शुरू हुआ।
प्रेस क्लब आफ इंडिया के परमीशन के मुताबिक समाज हित के इस महत्वपूर्ण प्रयोजन में देश स्तर पर राज्यवार अलग-अलग गुटों में बंटे प्रजापति समाज के एकीकरण/समन्वय पर बल देने वाले लगभग पांच दर्जन वरिष्ठ समाजसेवी/लीडर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिसिंह प्रजापति कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय कुम्भकार संघ एवं संचालन सुग्रीव पंडित मुख्य महासचिव राष्ट्रीय कुम्हार महासभा एवं सह संचालन रोहतास प्रजापति राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्रीय प्रजापति महासभा द्वारा अनिल कुमार प्रजापति संयोजक राष्ट्रीय कुम्हार एकीकरण/समन्वय समिति एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय प्रजापति महासंघ एकीकरण महाअभियान की देखरेख में संपन्न किया गया।
चिंतन बैठक में सर्वसम्मति से छनकर आए फैसले के मुताबिक कार्यक्रम आयोजक अनिल कुमार प्रजापति ने कहा कि पुरे देश में समानांतर रुप से बसा और सदियों से सर्वसमाज की सेवा करते चला आ रहा निर्णायक आवादी वाला प्रजापति समाज विगत 2004 से उक्त ज्वलंत मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करता चला आ रहा है। प्रजापति एकीकरण महाअभियान द्वारा इन्हीं ज्वलंत मुद्दों पर 2017 में डा लोकेश कुमार प्रजापति के आवाहन पर पुर्व प्रदेशाध्यक्ष उत्तर प्रदेश श्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष बीजेपी कार्यालय लखनऊ में एकमुश्त समर्थन किया गया था तथा मूवमेंट से संबद्ध डीएसपी अधिकार दल द्वारा इन्हीं मुद्दों के आश्वासन पर भाजपा को लोकसभा चुनाव 2019 एवं विधानसभा चुनाव 2022 में समर्थन किया गया था।
यूज एंड थ्रो के पराकाष्ठा का हद तब पार हुआ, जब सबका साथ सिर्फ अपना विकास के फार्मूले के साथ इन असंगठित वर्गों को लालीपाप के सहारे जेब के पिछलग्गूओ को निष्प्रयोज्य सा पद प्रतिष्ठा देकर समाज को गुमराह करने का खेल बदस्तूर जारी है ताकि समाज हित में निरंतर कार्य करने वाले समाजसेवी दब जाएं। यद्यपि सरकार द्वारा एक तरफ जहां आनन-फानन में 10% गरीब सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया गया जबकि इनके प्रतिनिधित्व एवं संपन्नता की हाल किसी से छिपी नहीं है, तो वहीं दूसरी तरफ 1950 से संवैधानिक रूप से एक्सटीरियर कास्ट घोषित होने के उपरांत भी शिल्पकार आरक्षण आज तक लंबित है।आए दिन जगह जगह हो रहे जुल्म ज्यादती अन्याय उत्पीड़न,हक अधिकार एवं न्याय आदि के लिए भाजपा को 90% एकमुश्त वोट देने वाला प्रजापति समाज यदि मुखर होता है तो प्रदर्शनकारियो पर लाठियों का बरसाना व हम समाजसेवियों को चौतरफा घेरकर दिमागी रूप से हरासमेंट करना कहां तक सही है।
बेशक हमारी सरकार अथवा विपक्ष प्रजापति समाज के कुछ एक लोडरो को साधकर पुनः इस निर्णायक वोट के सहारे सत्ता प्राप्ति का स्वप्न देख रहा है किन्तु राज्यवार जनसंख्या के अनुपात में वगैर लोकसभा भागीदारी आदि दिए इस दबे पछाड़े समाज का भला नहीं हो सकता । लोकसभा भागीदारी, शिल्पकार आरक्षण एवं अन्य ज्वलंत मुद्दों पर सुनिश्चित सफलता के लिए दिनांक 31.7.2023 और उसके पहले अनेकों ज्ञापन जरिए जिलाधिकारी संत कबीर नगर उत्तर प्रदेश या अन्य के माध्यम से सामूहिक रूप से शासन प्रशासन और सरकार को दिया गया किन्तु इस संबंध में सकारात्मक पत्राचार के अलावा अभी तक कोई संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी।
अतः एन चुनाव के वक्त देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय चिंतन बैठक/प्रेसवार्ता में एकीकरण/समन्वय पर दूरगामी कार्योजना बनाते हुए राज्यवार बिभिन्न संगठन प्रमुख एवं राजनैतिक गणमान्यो के सहमति से आए फैसलों के मुताबिक देश के जिम्मेदार कुम्हारवंशीयों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि निजी स्वार्थ में राजनैतिक पार्टियों के दरी बिछाने, नारा लगाने और प्रचार प्रसार करने का अनावश्यक काम बिल्कुल बंद करों अन्यथा की दशा में सामाजिक बहिष्कार निश्चित है क्योंकि लोग अब पढ़ लिखकर जागरूक हो गये है और भली भांति यह समझने लगे हैं कि हमारे पतन का असली कारण आपसी विघटन है और वगैर एकीकरण/समन्वय के समाजोत्थान संभव नहीं है। जिस राज्य में पक्ष अथवा विपक्ष हमारे उक्त मांगों पर अमल करता है वहां उसे एकमुश्त समर्थन करों, और जहां कोई तरजीह नहीं वहां एक स्वर से नोटा दबाओ अथवा अपना कंडीडेट लड़ाओ, हालांकि किसी के बहकावे में अथवा जोश में आकर लोकसभा चुनाव लड़ना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दीवार पर सर पटकने के समान है और नोटा आप्शन आक्रोश जाहिर करते हुए एकता दिखाने का शुलभ विकल्प हैं।जो हमारी सुनेगा हम उसकी सुनेंगे, जो इग्नोर करेगा उससे दूरी बनाते हुए नीचे से काटेंगे। चिंतन बैठक/प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से सर्व श्री देशराज प्रजापति दिल्ली, रामनरेश प्रजापति दिल्ली,मदन गोपाल पंडित बिहार, तुलसी प्रजापति झारखंड, कन्हैया लाल प्रजापति झारखंड, किशोर दुल्हेपुरा राजस्थान, रोहतास प्रजापति मेरठ, सुरेन्द्र कुमार प्रजापति गाजियाबाद, संजय प्रजापति ग्रेटर नोएडा, राजेश कुमार प्रजापति कर्नाटक, शिवकुमार रंगीला हरियाणा, मनोज कुमार प्रजापति पत्रकार दिल्ली ,जगन्नाथ प्रजापति अयोध्या, राकेश प्रजापति दिल्ली, प्रदीप कुमार प्रजापति दिल्ली,सनद कुमार प्रजापति छत्तीसगढ़, राम अशीष प्रजापति एवं रामकिशोर प्रजापति संत कबीर नगर, प्रमोद कुमार प्रजापति बस्ती, राजाराम प्रजापति लखनऊ, दिलीप कुमार प्रजापति गोरखपुर, तुलसी प्रजापति कुशीनगर, शंकर पंडित हैदराबाद, रामभवन प्रजापति सूरत गुजरात, दीपक प्रजापति दमनदीप आर डी प्रजापति मध्यप्रदेश प्रदेश, पीताम्बर प्रजापति पंजाब, मोहनलाल प्रजापति पश्चिमी बंगाल, रामसागर प्रजापति बिहार, विमिलेश प्रजापति अंबेडकर नगर, राजकुमार प्रजापति महाराष्ट्र,चेतन प्रजापति उत्तराखंड, जयभगवान प्रजापति एवं राम अजोर प्रजापति दिल्ली, प्रदीप प्रजापति बाराबंकी, शेषनाथ प्रजापति इटावा आदि लोगों ने अपने अपने विचार रखे और एक स्वर से टुकड़े टुकड़े गैंग में बंटे प्रजापति समाज के एकीकरण/समन्वय का संकल्प दोहराए तथा अंत में अध्यक्ष महोदय की अनुमति से ढाई बजे कार्यक्रम का समापन हुआ।



