मालेरकोटला। बीते दिनों स्वीडन में पवित्र कुरान को जलाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है, जिससे पूरे मुस्लिम जगत के दिलों को गहरी चोट पहुंची है। यह किताब मुसलमानों के लिए एक बहुत ही पवित्र किताब है, जिसकी शिक्षाएं समाज में शांति, सद्भाव, साझेदारी और समानता पर आधारित हैं।
जिसे मानवाधिकार के मूल मंत्र के रूप में जाना जाता है। इस किताब के साथ इस तरह दुर्भाग्यपूर्ण घटना के घटने से मुसलमानों को बहुत सदमा पहुंचा है। मुस्लिम महासभा पंजाब इस घटना की कड़ी निंदा करती है और भारत सरकार से पुरजोर अपील करती है कि स्वीडन सरकार से इस संबंध में बातचीत करे ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना ना घटे।
इस अवसर पर बहादुर खान धबलान, अजमिल खान भादसों, हाशिम सूफी, अब्दुर रशीद खिलजी, मुकर्रम सैफी, रमजान ढिल्लों, मुहम्मद इस्माईल बलाचौर, शबीना बेगम, नादिर अली भट्टी, सैफ सरहिंद और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।



