Thursday, April 16, 2026
No menu items!
Google search engine

75 साल में सबसे जल्दी पहुंचा मानसून, मुंबई में बारिश से ट्रैफिक और ट्रेनों की थमी रफ्तार

Spread the News

मुंबई , 26 मई। मुंबई में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 75 वर्षों में पहली बार अपनी सामान्य तिथि से लगभग दो सप्ताह पहले 26 मई को दस्तक दी है, जिससे शहर में भारी बारिश और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मुंबई में मानसून की सामान्य शुरुआत 11 जून है, लेकिन इस बार यह 26 मई को पहुंचा है, जो 1956 के बाद सबसे जल्दी है।

रविवार रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश के कारण मुंबई के कई निचले इलाकों जैसे सायन, दादर, सांताक्रूज, और परेल में जलभराव हो गया। सांताक्रूज में 59.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में 40 से 70 मिमी तक वर्षा हुई। इस जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, विशेष रूप से मध्य रेलवे के मस्जिद, भायखला, दादर, माटुंगा और बदलापुर स्टेशनों पर पटरियों में पानी भरने से ट्रेनें रद्द या देरी से चलीं।

हालांकि, पश्चिम रेलवे की पटरियों पर पानी जमा नहीं हुआ, जिससे ट्रेन सेवाएं सामान्य रहीं । मेट्रो सेवाओं पर भी असर पड़ा। मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो लाइन 3 में आचार्य अत्रे चौक स्टेशन के निर्माणाधीन प्रवेश/निकास ढांचे में पानी का रिसाव हुआ, जिसके कारण वर्ली और आचार्य अत्रे चौक के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं ।

बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हुआ, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (B.E.S.T.) ने बताया कि जलभराव के कारण चार मार्गों की बसों का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा।

मौसम विभाग ने मुंबई और आस-पास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, जो सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकती है। तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका के मद्देनजर नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजनल डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने आपातकालीन मानसून नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जहां नागरिक 24 घंटे सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, बीएमसी और रेलवे प्रशासन ने मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पटरियों के किनारे नालियों की सफाई, जलनिकासी के लिए पंपों की व्यवस्था और जल चैनलों की लंबाई बढ़ाने जैसे उपायों की योजना बनाई है।

अन्य प्रभावित क्षेत्र
राज्य के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हो रही है। कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मूसलधार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। पुणे के बारामती और इंदापुर में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कई घरों में पानी घुस गया है। इंदापुर के पास पुणे-सोलापुर हाईवे भी जलभराव के कारण दो घंटे तक बंद रहा ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments