पटियाला, 4 दिसंबर | जेल में बलवंत सिंह राजोआना से मिलने पहुंचे अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विरसा सिंह वल्टोहा को जेल प्रशासन ने बाहर ही रोक दिया। जेल अधिकारियों ने उनसे यह कहते हुए मिलने से इनकार कर दिया कि उनके पास मुलाकात की अनुमति नहीं है। जिसके बाद अकाली नेताओं ने जेल अधिकारियों और सरकार के खिलाफ बोला और कहा कि सरकार की मनमानी आम लोगों पर भारी पड़ रही है।
अकाली दल के आरोपों पर पटियाला जेल प्रशासन ने भी जवाब दिया है। प्रशासन ने कहा कि दोनों नेताओं के पास मुलाकात की इजाजत नहीं थी। जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा कि शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधि ने 30 नवंबर को बिक्रम सिंह मजीठिया और विरसा सिंह वल्टोहा के माध्यम से बलवंत सिंह राजोआना से मिलने के लिए एडीजीपी, जेल, पंजाब कार्यालय को एक आवेदन भेजा था।
पंजाब जेल नियम, 2022 के अनुसार आवेदन की गहन जांच के बाद, अधीक्षक जेल, पटियाला द्वारा दोनों नेताओं को केंद्रीय जेल, पटियाला में राजोआना से मिलने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में 2 दिसंबर को बिक्रम सिंह मजीठिया को भी फोन पर जानकारी दी गई थी।
उधर, मजीठिया ने कहा कि वे शिरोमणि कमेटी द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार सभी प्रोटोकॉल के साथ राजोआना से मिलने आए थे, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। पंजाब सरकार के आदेश पर उन्हें मिलने से रोका गया। उनके आने से पहले ही पुलिस ने पटियाला सेंट्रल जेल के बाहर बैरिकेडिंग कर दी थी, हालांकि वे पंजाब पुलिस जेल के एडीजीपी से इजाजत लेकर यहां आए थे।



