नई दिल्ली, 2 फरवरी। दिल्ली चुनाव से ठीक पहले सामने आए आम बजट को लेकर राजधानी की राजनीति भी गरम हो गई है। आम बजट के बाद टैक्स स्लैब का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। अब 12 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। माना जा रहा है कि यह दिल्ली चुनाव के दौरान मोदी सरकार का मास्टर-स्ट्रोक साबित हो सकता है। पिछले एक दिन में हम टैक्स का गणित तो निकाल ही चुके होगे, चलिए अब समझते हैं कि इस बजट में दिल्ली वालों को क्या मिला।
दरअसल, पिछले साल के मुकाबले इस साल दिल्ली सरकार को मिलने वाले बजट में 100 करोड़ रुपये बढ़ा दिए गए हैं। दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी भले ही इस बजट को निराशाजनक बता रही हो लेकिन दिल्ली बीजेपी का कहना है कि यह बजट संतुलित है.
वित्ता वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार से दिल्ली को 1,348 करोड़ रुपये मिले है, जो पिछले बजट के मुकाबले करीब 100 करोड़ रुपये ज्यादा हैं। दी जा रही कुल 1,348 करोड़ रुपये की रकम में से 968.01 करोड़ रेवेन्यू के रूप में दिल्ली को केंद्र से मिलेगा। जबकि 380 करोड़ रुपये की राशि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए लोन और एडवांस के रूप दिल्ली को दिए जाएंगे। पिछले साल इस मद में केंद्र से दिल्ली सरकार को 280 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसके अलावा दो करोड़ रुपये सिख दंगा पीड़ितों की मदद के लिए केंद्र सरकार दिल्ली को देगी।



