मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी ने आखिरी हदीस पढ़ाई
अहमदगढ़ मंडी,14 मई । जामिया आयशा लिलबनात अहमदगढ़ में खतम बुखारी शरीफ की निसबत पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिस की अध्यक्षता व सरपरस्ती के फराईज कारी मुहम्मद फुरफान मोहतमिम मदरसा उमर फारुक पब्लिक स्कूल अहमदगढ़ व अमीर ए जमात हाफिज मुहम्मद अशरफ अध्यक्ष मदरसा उमर फारूक पब्लिक स्कूल अहमदगढ़ ने अंजाम दिये। जबकि विशेष अतिथि के रूप में कारी मुहम्मद इरफान हक्कानी मोहतमिम मदरसा कुव्वतुल इस्लाम रोहेड़ा व मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती ए शहर लुधियाना व अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियाना शामिल हुए।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी ने बुखारी शरीफ की आखिरी हदीस पढ़ाते हुए कहा कि इमाम बुखारी ने अंत में वज़न अ आमाल का अध्याय स्थापित करके बताया कि बुखारी शरीफ में मौजूद अकायद, ईबादात, मामलात,रहन- सहन, सीरत और प्रशिक्षण और नैतिकता आदि से संबंधित अहादीस ए नबवीया को सिर्फ जान लेना काफी नहीं है। बल्कि उन पर अमल करना यह अहादीस ए नबवीया का असल हक है एवं कुरआन,हदीस पर अमल भी एसा हो, जिस में जान व वजन हो। क्योंकि इंसान के आमाल हों या अकवाल इन सब का कयामत के दिन वजन होना है। जिस मर्द या औरत के आमाल ए सालिहा वजनी निकल आएंगे तो उस की नेकियों का पलड़ा झुक जायेगा ओर आमाल बेजान निकले तो फिर गुनाह एवं बुरे कार्यों का पलड़ा भारी साबित होगा एवं इंसान जिल्लत व आजमाईश से गुजरेगा।



