कुरआन ख़ुदा का कलाम,दुनिया की कोई ताकत इसे चैलेंज नहीं कर सकतीः मोैलाना अनवर अमृतसरी
मदरसा तालीमुल इसलाम के दो छात्रों ने कुरआन ए पाक को मुकम्मल किया यादः कारी अबू नसर जामई
जालंधर। आज मुस्लिम कालोनी जालंधर में एक इजलास आम कुरआन का पैगाम इंसानियत के नाम से आयोजित किया गया। जिस की अध्यक्षता मदरसा तालीम उल इसलाम के चीफ जनाब कारी अबू नसर जामई एवं प्रोग्राम की निज़ामत जनाब मुफ्ती नूरुद्दीन नदवी साहिब ने की। इजलास मे बड़ी संख्या में उलेमा- मुफ्ती साहिबान के बयानों को सुुनने के लिए हज़ारों की गिनती में लोगों ने शिरकत की।
इजलास में विशेष अतिथी के रुप में पहुंचे नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फरंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ,वरिश्ठ उप सम्पादक, नोैजवान आलिम ए दीन फखर ए पंजाब मोैलाना अनवर अमृतसरी,कासमी,नदवी ने अपने संबोधन में कहा कि कुरआन वाहिद ख़ुदा का ऐसा कलाम है जिस की आयात को दुनिया की कोई ताकत चैलेंज नहीं कर सकती है। ये रब का ऐसा कलाम है जिस की कोई मिसाल नही है। इस कलाम ए ईलाही को चैलेंज करने वालों ने हमेशा मुंह की खाई है। उन्होंन मलउन वसीम रिज़वी का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह हम सब के लिए एक इबरत और सबक लेने का जरीया है आज उस की हालत ऐसी है कि वह न घर का है न घाट का, वह अपनी जि़ंदगी से प्रेशान होकर आत्महत्या की बात करता फिर रहा है । क्योंकि ये वही शैतान है जिस ने कोर्ट में कुरआन ए पाक की कुछ आयतों को कुरआन ए पाक से निकलवाने की बेहूदा मांग की थी। प्रोग्राम के अंत में मदरसे के दो छात्रों मुहम्मद राशिद अनवर, मुहम्मद अहमद हुसैन जिन्होंने कुरआन ए पाक हिफ्ज़ किया उनकी दस्तारबंदी भी की गई।
इस शुभ अवसर पर गणमान्य लोगों जिन में नैशनल ह्यूमन राईटस सोशल जस्टिस फरंट के स्टेट कार्यकारी सदस्य मंसूर आलम,मज़हर आलम मज़ाहिरी,कारी अतहर आज़ाद,मुफ्ती मुनव्वर हुसैन,जनाब शमशाद साहिब, प्रधान निज़ामुद्दीन मुन्ना,एडवोकेट रिज़वान खान,मुहम्मह अली,अनीस अहमद, प्रधान अली अहमद, हाजी शकील अहमद, बडे़ शकील साहिब, आसिफ अखतर,कारी मुहम्मद आफ़ाक,पंजाब वक्फ बोर्ड के सदस्य कलीम आज़ाद, जनाब अकबर अली,नात खाँ जनाब अनस के अलावा बड़ी संख्या में लोग मोैजूद थे



